सीबीआई का पंजाब विजिलेंस ब्यूरो पर छापा, 25 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप में ‘बिचौलिया’ गिरफ्तार

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चंडीगढ, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पर छापा मारा। छापे के दौरान पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर एस.एस. चौहान के रीडर को हिरासत में लिया गया, जिन पर 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले, एक और बड़ी कार्रवाई में सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक फाइव स्टार होटल में भी छापा मारा, जहां एक कथित डील चल रही थी। यहां इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा, जो विजिलेंस चीफ के रीडर बताए जा रहे हैं और एक ‘बिचौलिए’ राघव गोयल को कथित रूप…

चंडीगढ, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पर छापा मारा। छापे के दौरान पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर एस.एस. चौहान के रीडर को हिरासत में लिया गया, जिन पर 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है।

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले, एक और बड़ी कार्रवाई में सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक फाइव स्टार होटल में भी छापा मारा, जहां एक कथित डील चल रही थी। यहां इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा, जो विजिलेंस चीफ के रीडर बताए जा रहे हैं और एक ‘बिचौलिए’ राघव गोयल को कथित रूप से रिश्वत की डील करते हुए पकड़ा गया। इस दौरान करीब 13 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। राघव गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ओ.पी. राणा मौके से फरार हो गए।

इस पूरी कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “आईपीएस भुल्लर से 7.5 करोड़ की रिकवरी याद है? अब भगवंत मान के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। एक केंद्रीय एजेंसी ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो और विजिलेंस चीफ के दफ्तर पर छापा मारा है। कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत का सौदा जांच के दायरे में है। केंद्रीय एजेंसी ने इस कार्रवाई के दौरान कथित रूप से 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।

“सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा एक पांच-सितारा होटल में ‘गोयल’ नाम के एक बिचौलिए के ज़रिए तय हुआ था। जल्द ही और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। विजिलेंस चीफ के ‘रीडर’ (सहायक), ओपी राणा को कथित तौर पर केंद्रीय एजेंसी ने हिरासत में ले लिया है, क्योंकि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के इस कथित नेटवर्क की जांच अब तेज हो गई है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब की आप सरकार और भगवंत मान के राज में, पंजाब विजिलेंस का दफ्तर कथित तौर पर लोगों को परेशान करने का अड्डा बन गया है। पंजाब में भ्रष्टाचार की परतें अब ऊपर से नीचे तक, एक-एक करके खुल रही हैं। भगवंत मान को अब मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पंजाब एक पारदर्शी शासन का हकदार है, न कि डर, धमकियों और भ्रष्टाचार से चलने वाले प्रशासन का।”

–आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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