कांग्रेस हाई कमान ने बी. मणिक्कम टैगोर को सौंपी तमिलनाडु इकाई की जिम्मेदारी

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चेन्नई, 27 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को लोकसभा सचेतक और विरुधुनगर से तीन बार सांसद रहे बी. मणिक्कम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने के. सेल्वपेरुंथगई का स्थान लिया है। यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल पार्टी हाई कमान द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु में अपनी रणनीति को फिर से निर्धारित करने के प्रयास को दर्शाता है। यह नेतृत्व परिवर्तन राज्य इकाई के भीतर कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और गठबंधन रणनीति को लेकर बढ़ते मतभेदों के बीच हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली के वरिष्ठ पदाधिकारियों के समर्थन…

चेन्नई, 27 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को लोकसभा सचेतक और विरुधुनगर से तीन बार सांसद रहे बी. मणिक्कम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।

उन्होंने के. सेल्वपेरुंथगई का स्थान लिया है। यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल पार्टी हाई कमान द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु में अपनी रणनीति को फिर से निर्धारित करने के प्रयास को दर्शाता है।

यह नेतृत्व परिवर्तन राज्य इकाई के भीतर कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और गठबंधन रणनीति को लेकर बढ़ते मतभेदों के बीच हुआ है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली के वरिष्ठ पदाधिकारियों के समर्थन से तमिलनाडु के कुछ नेताओं ने सेल्वपेरुंथगई के नेतृत्व से असंतोष व्यक्त किया था।

एक अनुभवी सांसद टैगोर को तमिलनाडु से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता है और वे वरिष्ठ पार्टी नेता राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।

उनकी नियुक्ति से पार्टी की संगठनात्मक संरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव से पहले टैगोर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के साथ गठबंधन की वकालत करने वाले शुरुआती कांग्रेस नेताओं में से एक थे।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से तर्क दिया कि कांग्रेस को राजनीतिक पुनर्गठन पर विचार करना चाहिए और सीटों की अधिक हिस्सेदारी और सरकार में भागीदारी की मांग की। बताया जाता है कि उनके इन बयानों से डीएमके के साथ मतभेद पैदा हो गए थे, जो उस समय राज्य के इंडिया ब्लॉक गठबंधन का नेतृत्व कर रही थी।

इसके विपरीत, सेल्वापेरुन्थागई लगातार डीएमके के साथ कांग्रेस के गठबंधन को जारी रखने के पक्षधर रहे और टीवीके के साथ किसी भी तरह के गठबंधन का विरोध करते रहे।

इन भिन्न-भिन्न रुखों ने पार्टी के भविष्य के मार्ग को लेकर राज्य कांग्रेस के भीतर तीखे मतभेदों को उजागर किया।

–आईएएनएस

एमएस/

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