नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के डाबरी इलाके में अवैध एलपीजी सिलेंडर के भंडारण और रिफिलिंग के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें कई कंपनियों के 17 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, अधिकारियों ने सीतापुरी में एक दुकान पर समन्वित छापा मारा, जहां एलपीजी सिलेंडरों के भंडारण और रिफिलिंग से जुड़ा एक अनधिकृत काम चल रहा था। इस छापे के दौरान 17 सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें भारत पेट्रोलियम के 5, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 5 और इंडेन गैस के 7 सिलेंडर शामिल थे।
यह कार्रवाई एलपीजी की कथित कमी को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच की गई है, जबकि अधिकारियों ने बार-बार यह आश्वासन दिया है कि आपूर्ति का कोई वास्तविक संकट नहीं है।
इन चिंताओं को देखते हुए, जमाखोरों और कालाबाजारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी।
इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व वाली इस टीम में सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र और मोहित बाटन, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जोगिंदर, हेड कांस्टेबल हरपाल और दिलीप तथा महिला हेड कांस्टेबल अनीता शामिल थीं। इस टीम ने एसीपी राज कुमार और डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदोरा की देखरेख में काम किया।
लगातार जमीनी पड़ताल के बाद, टीम को सीतापुरी इलाके में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी के बारे में विशिष्ट जानकारी मिली। तुरंत कार्रवाई करते हुए, उन्होंने उस जगह पर एक सुनियोजित छापा मारा और दुकान के मालिक, मोहन लाल गर्ग (61) को अवैध रिफिलिंग गतिविधियों में लिप्त पाया।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एलपीजी सिलेंडरों को रिफिल करके 200 रुपए प्रति किलोग्राम की ऊंची दर से गैस बेच रहा था। आरोप है कि उसने बिना किसी वैध अनुमति के अपनी दुकान में बड़ी संख्या में घरेलू एलपीजी सिलेंडर जमा कर रखे थे, जो स्थापित सुरक्षा मानदंडों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन था।
खाद्य आपूर्ति अधिकारी हरजीत कौर को तुरंत मौके पर बुलाया गया और उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की। जब्त किए गए सिलेंडरों को बाद में डाबरी पुलिस स्टेशन में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
डाबरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 287 और 288 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से अवैध धंधा चला रहे थे और संदेह से बचने के लिए स्टॉक को नियमित व्यापारिक सामान के रूप में छुपाते थे। इस रैकेट का उद्देश्य अवैध लाभ के लिए एलपीजी को निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर बेचकर उपभोक्ताओं का शोषण करना था।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आवश्यक वस्तुओं, विशेष रूप से एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। इस तरह के अभियान उचित वितरण सुनिश्चित करने और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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