ईडी ने असम के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी से जुड़ी 53.28 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की

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गुवाहाटी, 27 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता, उनके परिवार के सदस्यों और समूह की कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 53.28 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईडी के अनुसार, गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है, जिसमें गुवाहाटी में कई होटल संपत्तियां और मुंबई में दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं। इन संपत्तियों को कथित तौर पर अपराध की आय…

गुवाहाटी, 27 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता, उनके परिवार के सदस्यों और समूह की कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 53.28 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ईडी के अनुसार, गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है, जिसमें गुवाहाटी में कई होटल संपत्तियां और मुंबई में दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं। इन संपत्तियों को कथित तौर पर अपराध की आय से अर्जित किया गया था।

एजेंसी ने बताया कि दत्ता को असम पुलिस सेवा से आईपीएस में पदोन्नत किया गया था और 2019 में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। दत्ता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत असम पुलिस की सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद जांच के दायरे में आए। ये अपराध पीएमएलए के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 1992 से 2019 के बीच अपनी सेवा अवधि के दौरान दत्ता ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। दत्ता और उनकी पत्नी की घोषित आय लगभग 7.23 करोड़ रुपए और घोषित व्यय लगभग 9.04 करोड़ रुपए था, जबकि जांचकर्ताओं को कथित तौर पर लगभग 77.21 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति मिली, जिसमें लगभग 79.01 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का अनुमान लगाया गया है।

ईडी ने दावा किया कि उसकी जांच से पता चला है कि कथित अपराध की आय को तीन निजी कंपनियों – महामाया एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और मुरारी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड – के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया था, जिनके पंजीकृत कार्यालय अस्तित्व में नहीं थे।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि 14.74 करोड़ रुपए से अधिक की अज्ञात राशि को परिवार के सदस्यों और इन कंपनियों के माध्यम से फर्जी शेयरधारकों, कोलकाता स्थित शेल संस्थाओं और सर्कुलर बैंक लेनदेन का उपयोग करके होटल संपत्तियों और आवासीय फ्लैटों में निवेश किया गया था।

जांचकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, एफआईआर और प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) पहले से मौजूद होने के बावजूद, दत्ता ने ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के 3.7 लाख शेयर कथित फर्जी शेयरधारकों से अपने नाम पर स्थानांतरित कर दिए, जिससे वे कंपनी में बहुसंख्यक शेयरधारक बन गए। यह कंपनी तीन जब्त होटलों की वास्तविक मालिक है।

–आईएएनएस

एमएस/

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