जुबीन गर्ग से जुड़े लेन-देन मामले पर अदालत में उठे गंभीर सवाल, अगली सुनवाई 20 अप्रैल को

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गुवाहाटी, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। गुवाहाटी में एक अदालत में शुक्रवार को जाने-माने असमिया गायक जुबीन गर्ग से जुड़े लेन-देन में बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए। वकील ने अदालत को बताया कि पैसों के लेन-देन में ‘गंभीर अनियमितताएं’ हुई हैं। ये बातें एक सुनवाई के दौरान कही गईं, जिसमें दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी मौजूद थीं। बाद में अदालत के बाहर गरिमा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। जुबीन गर्ग से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की गतिविधियां हुई थीं, और अदालत ने इस मामले का संज्ञान लिया है।…

गुवाहाटी, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। गुवाहाटी में एक अदालत में शुक्रवार को जाने-माने असमिया गायक जुबीन गर्ग से जुड़े लेन-देन में बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए।

वकील ने अदालत को बताया कि पैसों के लेन-देन में ‘गंभीर अनियमितताएं’ हुई हैं। ये बातें एक सुनवाई के दौरान कही गईं, जिसमें दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी मौजूद थीं।

बाद में अदालत के बाहर गरिमा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। जुबीन गर्ग से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की गतिविधियां हुई थीं, और अदालत ने इस मामले का संज्ञान लिया है। मुझे विश्वास है कि मेरे पति को न्याय मिलेगा।

उनके मुताबिक, अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है।

गरिमा गर्ग ने मीडिया को संबोधित करते हुए जुबीन गर्ग के संगीत कार्यों के संबंध में भी एक अपील की। ​​उन्होंने आग्रह किया कि उनके गाने उनके मूल रूप में ही गाए जाने चाहिए और उनकी प्रामाणिकता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गायक ने खुद भी हमेशा अपने से वरिष्ठ कलाकारों के गाने उनके सही और मूल अंदाज में ही गाए थे।

अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा गठित असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दिसंबर 2025 में गुवाहाटी की एक अदालत में जुबीन गर्ग की मृत्यु के संबंध में एक विस्तृत आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर किया था।

यह जांच 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर में गायक की रहस्यमय मृत्यु के बाद शुरू हुई थी। बताया जाता है कि ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में शामिल होने के लिए सिंगापुर की यात्रा पर गए जुबीन गर्ग की मृत्यु समुद्र में सैर के दौरान हुई थी।

कुछ रिपोर्टों में इस आरोप पत्र को कई हजार पन्नों का दस्तावेज बताया गया है, जिसमें अनुमानित तौर पर लगभग 3,500 से लेकर 12,000 से अधिक पन्ने होने की बात कही गई है और यह व्यापक जांच तथा गवाहों के बयानों पर आधारित है।

गुवाहाटी में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किए गए इस आरोप पत्र में सात लोगों के नाम शामिल थे।

इनमें से चार लोगों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत हत्या के आरोप तय किए गए हैं। इन चार लोगों में फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानू महंता, गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड के सदस्य शेखरज्योति गोस्वामी और सह-गायक अमृतप्रभा महंता शामिल हैं।

गर्ग के चचेरे भाई, असम पुलिस के निलंबित अधिकारी संदीपान गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। बाकी आरोपियों के नाम, जिनमें गर्ग के निजी सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं, चार्जशीट में आपराधिक साजिश और विश्वासघात जैसे संबंधित अपराधों के तहत दर्ज किए गए हैं।

एसआईटी की चार्जशीट बड़े पैमाने पर सबूत इकट्ठा करने पर आधारित थी, जिसे 300 से ज्‍यादा लोगों की गवाही, दस्तावेजी सबूतों और अदालत के सामने पेश किए गए फोरेंसिक नतीजों का समर्थन मिला।

इस बीच, सिंगापुर की एक अदालत ने हाल ही में जुबीन गर्ग की मौत में किसी भी तरह की साजिश की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि गायक की मौत डूबने से हुई थी।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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