केरल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई, राज्य सरकार ने राहत पैकेज का किया ऐलान

Summary :

तिरुवनंतपुरम, 5 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन अगले पांच दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को बाढ़ पीड़ितों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज जारी किया। साथ ही, हर साल मॉनसून से होने वाली तबाही को रोकने के लिए आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने वाला एक दीर्घकालिक कार्यक्रम भी घोषित किया। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस साल बारिश से जुड़ी घटनाओं में 26 लोगों की मौत हुई है,…

तिरुवनंतपुरम, 5 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन अगले पांच दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को बाढ़ पीड़ितों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज जारी किया। साथ ही, हर साल मॉनसून से होने वाली तबाही को रोकने के लिए आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने वाला एक दीर्घकालिक कार्यक्रम भी घोषित किया।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस साल बारिश से जुड़ी घटनाओं में 26 लोगों की मौत हुई है, 11 लोग घायल हुए हैं और चार लोग अभी भी लापता हैं।

फिलहाल, 462 राहत कैंपों में 27,048 लोग रह रहे हैं। सरकार यह पक्का कर रही है कि रहने की स्थिति बेहतर बनाने के लिए किसी भी कैंप में 150 से ज़्यादा लोग न हों।

उन्होंने कहा कि शुरुआती आकलन से पता चलता है कि 1,882 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, जिससे अनुमानित 67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि 23,507 किसान प्रभावित हुए हैं। कैबिनेट ने राहत के कई बेहतर उपायों को मंजूरी दी।

मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजे के तौर पर 8 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि जिन परिवारों के घर पानी में डूब गए हैं, उन्हें तुरंत मदद के तौर पर 10,000 रुपये दिए जाएंगे। अंतिम संस्कार के खर्च के लिए अतिरिक्त 10,000 रुपये दिए जाएंगे।

पूरी तरह से नष्ट हुए घरों के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि फसल के मुआवजे में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।

राज्य में पहली बार बाढ़ से प्रभावित छोटे व्यापारियों और दुकान मालिकों को 10,000 रुपये दिए जाएंगे। कैबिनेट ने एमएसएमई होमस्टे और दूसरे योग्य उद्यमों के लिए एक खास पुनर्वास पैकेज को भी मंज़ूरी दी, जिसके तहत 12 लाख रुपये तक के आसान लोन दिए जाएंगे।

लाभार्थी या तो लोन की रकम का 25 प्रतिशत (अधिकतम 3 लाख रुपये तक) सरकारी मार्जिन मनी ले सकते हैं या फिर पांच साल के लिए नौ प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी चुन सकते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 5 से 8 अगस्त के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और भारी बारिश के अनुमान के बाद सतीशन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।

तत्काल राहत से आगे बढ़कर सरकार ने एक महत्वाकांक्षी ‘डिज़ास्टर मैनेजमेंट रेज़िलिएंस प्रोग्राम’ (आपदा प्रबंधन लचीलापन कार्यक्रम) की घोषणा की है। यह कार्यक्रम आपदा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए एआई-आधारित बांध प्रबंधन, मौसम का सटीक पूर्वानुमान, बाढ़ की मैपिंग और वैज्ञानिक निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगा।

अगले मानसून से पहले पानी के बहाव को बेहतर बनाने के लिए नदियों और जलाशयों से गाद (सिल्ट) हटाई जाएगी, जिसमें 2018 की बाढ़ के बाद जमा हुई गाद को हटाना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बजट में घोषित एआई-आधारित बांध प्रबंधन प्रणाली आपदा प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल बनेगी।

कैबिनेट ने क्षतिग्रस्त तटीय बुनियादी ढांचे को बहाल करने और मछुआरों के लिए एक नई आवास योजना बनाने का भी फैसला किया। स्थानीय निकायों के लिए 2026-27 के विकास कोष की पहली किस्त सौंपी जाएगी।

सथीसन ने यह भी घोषणा की कि बाढ़ में बचाव अभियान के दौरान जान गंवाने वाले अनुभवी बचाव स्वयंसेवक और स्कूबा डाइवर राजेश को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी और सरकार उनके परिवार को एक घर बनाकर सौंपेगी।

उन्होंने आगे कहा कि 2024 की त्रिशूर बाढ़ आपदा के सभी 248 पीड़ितों के परिवारों को मुआवज़ा दे दिया गया है।

पुनर्जनी प्रोजेक्ट विवाद से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जांचों में भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला है। 26 जून को सौंपी गई विजिलेंस की ताजा रिपोर्ट में भी आगे कोई कार्रवाई न करने की सिफारिश की गई है।

सतीशन ने कहा, “जब 2020 में यह मामला पहली बार सामने आया था, तो मैंने ही इसकी जांच की मांग की थी। विजिलेंस की दो अलग-अलग जांचों में मुझे क्लीन चिट मिली थी और ये दोनों जांचें तब हुई थीं जब मैं विपक्ष में था।”

–आईएएनएस

एसएचके/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.