UP Burqa Kanwar Yatra Case : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने का मामला अब प्रशासनिक अदालत तक पहुंच गया है। मामला असमोली पुलिस स्टेशन में दर्ज रिपोर्ट को संज्ञान में लिए जाने को लेकर है। संज्ञान लेते हुए SDM कोर्ट ने बदनपुर बसई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस थमाया है।
इस मामले में लोकल एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि बुर्का पहनकर कांवड़ लाने से इलाके में शांति व्यवस्था बिगड़ने और दो समुदायों के बीच तनाव पनपने की पूरी आशंका है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135 के तहत दंपति को 20-20 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड से बाउंड डाउन किया गया है।
पहली तारीख पर अदालत में हाजिर न होने के कारण प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दूसरा नोटिस भेजा है, जिसमें दोबारा गैरहाजिर रहने पर वारंट जारी करने की वॉर्निंग दी गई है।
लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देकर कार्रवाई
इस पूरे एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन की जड़ें पिछले साल के एक घटनाक्रम से जुड़ी हैं। असमोली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग कम्युनिटी से आने वाले अमन त्यागी और तमन्ना मलिक ने पिछली कांवड़ यात्रा में भी हिस्सा लिया था। उस दौरान तमन्ना के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने की तस्वीरों और वीडियो पर काफी विवाद हुआ था, जिससे इलाके में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति संवेदनशील हो गई थी।
इसी चालानी रिपोर्ट के आधार पर संभल प्रशासन ने इस बार हरिद्वार ट्रिप पर निकलने से पहले ही दंपति पर शिकंजा कस दिया। एसडीएम के मुताबिक दंपति को पहले 31 जुलाई को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे मौजूद नहीं हुए। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी कर तमन्ना और अमन को एसडीएम कोर्ट में हाजिर होकर यह वजह स्पष्ट करने का ऑर्डर दिया गया है कि वे आखिर बुर्का पहनकर ही कांवड़ क्यों लाना चाहती हैं।
अमन त्यागी का सवाल
प्रशासनिक नोटिस मिलते ही तमन्ना के पति अमन त्यागी अपनी बेल कराने एसडीएम कोर्ट पहुंचे और अथॉरिटी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। अमन का कहना है कि पिछली बार कांवड़ लाने पर सनातनियों और हिंदू समुदाय ने उन्हें पूरा सम्मान दिया था, लेकिन इस बार हरिद्वार जाने से पहले ही रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से उनकी पत्नी को फोन पर एसिड अटैक करने की धमकी तक दी गई है।
अमन ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश में किसी को भी अपनी पसंद के कपड़े पहनने का राइट है और ऐसा कोई कानून नहीं जो इस पर रोक लगाता हो।
अमन ने साफ किया कि तमन्ना अपनी पसंद के वस्त्र पहनकर ही हरिद्वार जाएंगी और गाजियाबाद की अनीशा बानो का समर्थन करते हुए महादेव का जल लेकर आएंगी।



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