कोच्चि, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने चेरानेल्लूर मर्सिडीज-बेंज दुर्घटना मामले में एक जज के खिलाफ एक नया आरोप जोड़ा है। इस मामले में जज के 17 वर्षीय बेटे ने स्कूटर सवार को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 238 जोड़ी है, जो किसी अपराध के सबूतों को मिटाने या गायब करने से संबंधित है।
यह कदम तब उठाया गया है जब सड़क किनारे भोजनालय चलाने वाले 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन के परिवार ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी।
हाल ही में कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर आर. निशांतिनी के निर्देश पर इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। इस बीच, एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले की आगे की कार्यवाही ‘इन-कैमरा’ (बंद कमरे में) होगी।
अदालत ने यह फैसला मामले की प्रकृति और कार्यवाही तथा सबूतों की सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए लिया है।अभियोजन पक्ष और पीड़ित परिवार के बीच मामले को चलाने के तरीके को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं।
परिवार ने अभियोजन पक्ष में कमियों का आरोप लगाते हुए सरकारी वकील (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) को हटाने की मांग की थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने परिवार पर आरोप लगाया कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और मीडिया को गुमराह करने वाली जानकारी दे रहे हैं।
अदालत ने परिवार से कहा कि सरकारी वकील के खिलाफ कोई भी शिकायत उचित प्रक्रिया के माध्यम से ही अदालत के सामने लाई जानी चाहिए।
यह मामला एक दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें कंटेनर रोड पर एक मर्सिडीज-बेंज कार ने स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिससे जयाबालकृष्णन की मौत हो गई थी।
कार को एक जज का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है।
दुर्घटना के बाद पीड़ित के घर पर कई हाई-प्रोफाइल लोगों का आना-जाना लगा रहा, जिनमें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, उनके पूर्ववर्ती पिनाराई विजयन, गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला और कई अन्य लोग शामिल हैं।
–आईएएनएस
एससीएच/पीएम
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