प्रधानमंत्री मोदी की अपील की गुजरात में बड़ा असर, दो दिनों में पायलट वाहनों की मांग घटी

Summary :

गांधीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सरकारी यात्राएं कम करने की अपील का गुजरात में बड़ा असर देखने को मिला है। पिछले दो दिनों में पायलट वाहनों की मांग में कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने पिछले दो दिनों में गृह विभाग को पायलट वाहन के लिए आने वाली कॉल्स में कमी की जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक से पहले कहा कि पायलट वाहनों की संख्या घटाने से ईंधन के इस्तेमाल और मैनपावर में काफी बचत हुई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अनावश्यक आवाजाही पर…

गांधीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सरकारी यात्राएं कम करने की अपील का गुजरात में बड़ा असर देखने को मिला है। पिछले दो दिनों में पायलट वाहनों की मांग में कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने पिछले दो दिनों में गृह विभाग को पायलट वाहन के लिए आने वाली कॉल्स में कमी की जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक से पहले कहा कि पायलट वाहनों की संख्या घटाने से ईंधन के इस्तेमाल और मैनपावर में काफी बचत हुई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाने के प्रयास भी तेज किए हैं।

नए उपायों के असर पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए संघवी ने कहा, “कुल मिलाकर दो दिनों में 126 कॉल्स की कमी आई है।”

उन्होंने कहा कि अगर कम से कम अनुमान भी लगाया जाए, तो इस कमी से लगभग 5,000 किलोमीटर तक पेट्रोल और डीजल की खपत में बचत हो सकती है। उन्होंने कहा, “अगर हम हर कॉल के लिए औसतन 25 से 50 किलोमीटर की दूरी मान लें, तो कम से कम 5,000 किलोमीटर के बराबर डीजल और पेट्रोल की बचत होगी।”

उन्होंने आगे बताया कि इस बचत पर एक औपचारिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। हर्ष संघवी ने यह भी बताया कि हर पायलट वाहन की तैनाती में कुछ कर्मचारी शामिल होते हैं, जिन्हें अब दूसरे कामों में लगाया जा सकता है।

राज्य सरकार ने ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की हालिया सार्वजनिक अपील के बाद उठाए हैं, जिसमें उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने और जहां संभव हो, अधिकतर बैठकें ऑनलाइन करने का आग्रह किया था।

इस अपील के बाद से गुजरात के प्रशासनिक कामकाज में कई बदलाव किए गए हैं। मंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा किया है, जबकि विभागों को सलाह दी गई है कि जहां भी व्यावहारिक हो, वे वर्चुअल बैठकें करें।

संघवी ने कहा कि गांधीनगर तक की अनावश्यक यात्रा कम करने पर खास फोकस है। उन्होंने कहा, “दूर के शहरों से आने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा करने से रोका गया है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.