मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आईआईटी-बॉम्बे के पवई कैंपस के कुछ हिस्सों में छत पर लगे पंखों की जगह दीवार पर लगे पंखे लगाए जाएंगे। यह फैसला 22 वर्षीय छात्र की मौत के बाद और संस्थागत सुधारों व जवाबदेही की मांगों के बीच लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, संस्थान परिसर के कुछ क्षेत्रों में सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड फैन लगाने की तैयारी कर रहा है।
यह कदम उस घटना के कुछ दिनों बाद उठाया गया है, जिसमें महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और आईआईटी-बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े (22) शुक्रवार शाम अपने हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे से लटके हुए पाए गए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना साहिल वाकोड़े को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से चैट जीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
सूत्रों ने बताया कि दीवार पर लगने वाले पंखों (वॉल माउंटेड फैन) की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है और जल्द ही इंस्टॉलेशन का काम शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इस रिप्लेसमेंट को चल रहे रेनोवेशन का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन स्टूडेंट की मौत के बाद इस डेवलपमेंट ने सबका ध्यान खींचा है।
एनडीटीवी को मिले सूत्रों के मुताबिक, सीलिंग फैन बदलने पर करीब दो महीने से बातचीत चल रही थी और इस प्रपोजल को हाल ही में मंजूरी मिली है।
स्टूडेंट्स ने भी कन्फर्म किया है कि पंखे कैंपस में आ गए हैं। हालांकि, इंस्टीट्यूट एडमिनिस्ट्रेशन ने अभी तक बताए गए रिप्लेसमेंट प्लान पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है या इस मामले पर कोई कमेंट नहीं किया है।
इस डेवलपमेंट की एनसीपी (एसपी) के स्पोक्सपर्सन अनीश गवांडे ने आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पंखों का टाइप बदलने से एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में स्टूडेंट सुसाइड की बड़ी समस्या का सॉल्यूशन हो सकता है। गवांडे ने सुसाइड रोकने के तरीकों और स्टूडेंट्स के लिए मेंटल हेल्थ सपोर्ट पर ज्यादा जोर देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि क्या आईआईटी-बॉम्बे सच में सोचता है कि सीलिंग फैन को वॉल फैन से बदलने से देशभर के आईआईटी पर असर डालने वाली सुसाइड की प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी।
वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी-बॉम्बे कैंपस में प्रोटेस्ट हुए, जिसमें स्टूडेंट्स और पॉलिटिकल एक्टिविस्ट्स ने इंस्टीट्यूशनल अकाउंटेबिलिटी और स्टूडेंट वेलफेयर पर सवाल उठाए।
सोमवार को आईआईटी-बॉम्बे ने प्रोटेस्ट के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन के पद से हटा दिया। हालांकि, डूला इंस्टिट्यूट की फैकल्टी के मेंबर बने हुए हैं।
वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे का मजाक उड़ाया गया, उसे परेशान किया गया और जाति के आधार पर भेदभाव किया गया। उन्होंने अपने बेटे की मौत के हालात और इंस्टीट्यूट एडमिनिस्ट्रेशन की भूमिका की जांच की मांग की है।
वाकोडे के परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।स्टूडेंट की मौत और उसके परिवार के लगाए आरोपों की जांच चल रही है।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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