नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को कहा गया कि भारत ने अमेरिका सहित कई देशों से एलपीजी को आयात करना शुरू कर दिया है। साथ ही बताया कि देश में आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से गैस खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन एवं तेल रिफाइनरी संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि अधिकांश एलपीजी खाड़ी देशों से आ रही है।
शर्मा ने कहा, “हमारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी लेना शुरू कर दिया है। सरकार एलपीजी के स्रोतों में विविधता लाने के लिए भी हर संभव प्रयास कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “विविधीकरण बढ़ने के कारण आज हमें अधिक कच्चा तेल मिल रहा है।”
राज्यों द्वारा वितरण कार्य फिर से शुरू करने के साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल हो गई है।
घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग भी शुरू कर दिया गया है।
शर्मा ने बताया कि घबराहट के कारण बढ़ी मांग में कमी आ रही है और बुकिंग में गिरावट देखी जा रही है। 13 मार्च को 89 लाख बुकिंग दर्ज की गई थीं, जो आज घटकर 70 लाख रह गई हैं।”
उन्होंने कहा कि एलपीजी रिफिल वितरण दर संघर्ष से पहले जैसी ही है और उन्होंने उपभोक्ताओं से जमाखोरी और कालाबाजारी से खरीददारी से बचने का आग्रह किया।
मंत्रालय के अनुसार, ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है, रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है।
शर्मा ने कहा, “किसी भी एलपीजी वितरक के पास ईंधन की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।” साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्मों की ओर बढ़ते रुझान से बुकिंग में सुधार हुआ है।
इस बीच, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा, जो इस सप्ताह पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला दूसरा एलपीजी वाहक बन गया। इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था।
दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर बेहद जोखिम भरे मार्ग से गुजरने के बाद भारत को महत्वपूर्ण एलपीजी आपूर्ति पहुंचा रहे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान- अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री यातायात बाधित है।
–आईएएनएस
एबीएस/
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