भारतीय रेलवे ने गुजरात और बिहार में 648 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी

Summary :

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को गुजरात और बिहार में दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 647.58 करोड़ रुपए है, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, ट्रैफिक की समस्या कम करना और रेलवे संचालन को बेहतर बनाना है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं में गुजरात के कोसांबा में रेल ओवर रेल (आरओआर) फ्लाईओवर का निर्माण और बिहार के भागलपुर में एक नया रेल बाईपास बनाना शामिल है। गुजरात में 344.38 करोड़ रुपए की लागत से कोसांबा-उमरपाड़ा सेक्शन (9.20 किमी) के लिए रेल ओवर रेल फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह परियोजना…

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को गुजरात और बिहार में दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 647.58 करोड़ रुपए है, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, ट्रैफिक की समस्या कम करना और रेलवे संचालन को बेहतर बनाना है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं में गुजरात के कोसांबा में रेल ओवर रेल (आरओआर) फ्लाईओवर का निर्माण और बिहार के भागलपुर में एक नया रेल बाईपास बनाना शामिल है।

गुजरात में 344.38 करोड़ रुपए की लागत से कोसांबा-उमरपाड़ा सेक्शन (9.20 किमी) के लिए रेल ओवर रेल फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह परियोजना पश्चिम रेलवे के तहत आती है और मुंबई-वडोदरा मुख्य लाइन पर स्थित है, जहां इस समय गेज कन्वर्जन का काम चल रहा है।

रेल मंत्रालय ने बताया कि इस रूट पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर होने के कारण सीधे मुख्य लाइन से कनेक्शन देना संभव नहीं है। ऐसे में यह फ्लाईओवर बनने के बाद सतह पर क्रॉसिंग खत्म हो जाएगी और ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुरक्षित और सुचारू हो सकेगा।

वहीं, बिहार में 303.20 करोड़ रुपए की लागत से भागलपुर में 13.38 किमी लंबा रेल बाईपास बनाया जाएगा। यह बाईपास पूर्वी रेलवे के तहत गोनुधाम हॉल्ट (बराहट-भागलपुर सेक्शन) को सबौर (भागलपुर-साहिबगंज सेक्शन) से जोड़ेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भागलपुर जंक्शन पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगा, जहां अभी क्षमता से ज्यादा (125 प्रतिशत से अधिक) ट्रेनों का संचालन हो रहा है।

फिलहाल, भागलपुर में ट्रेनों को दिशा बदलने के लिए इंजन रिवर्स करना पड़ता है, जिससे देरी और संचालन में परेशानी होती है। नया बाईपास बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी और समय पर संचालन बेहतर होगा।

रेल मंत्रालय ने कहा कि ये दोनों प्रोजेक्ट्स रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और भीड़ कम करने की बड़ी योजना का हिस्सा हैं, जिससे बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा और सुरक्षा व दक्षता भी बढ़ेगी।

—आईएएनएस

डीबीपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.