उपराज्यपाल सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में नशा-विरोधी पदयात्रा पूरी की

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जम्मू, 7 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुंछ जिले में नशा-विरोधी पदयात्रा में शामिल होकर केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में चल रही ‘पदयात्रा’ पूरी की। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल सिन्हा पुंछ में ‘नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान और पदयात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पदयात्रा ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों को कवर कर लिया है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है: जम्मू-कश्मीर की धरती को नशे के प्रकोप से मुक्त करना और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद को खत्म करना। उन्होंने कहा कि आज…

जम्मू, 7 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुंछ जिले में नशा-विरोधी पदयात्रा में शामिल होकर केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में चल रही ‘पदयात्रा’ पूरी की।

अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल सिन्हा पुंछ में ‘नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान और पदयात्रा में शामिल हुए।

इस अवसर पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पदयात्रा ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों को कवर कर लिया है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है: जम्मू-कश्मीर की धरती को नशे के प्रकोप से मुक्त करना और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद को खत्म करना।

उन्होंने कहा कि आज पुंछ से नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर के लिए लड़ाई और तेज हो गई है। अगले 43 दिनों तक, प्रत्येक नागरिक, पंचायत और वार्ड को नशीले पदार्थों के तस्करों और दलालों को निशाना बनाने, जागरूकता फैलाने और पुनर्वास में तेजी लाने के लिए एकजुट होना होगा।

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि सामूहिक जिम्मेदारी से ही एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण होगा। पिछले 57 दिनों में मैंने जम्मू-कश्मीर के हर जिले का दौरा किया है और लोगों को आश्वासन दिया है कि हमारे समाज को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों को सजा जरूर मिलेगी। आज मैं सभी नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि हम एक उज्ज्वल भविष्य का प्रकाश फैलाएंगे।

उन्होंने कहा कि अगले 43 दिनों में हमें पुंछ और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक व्यापक अभियान शुरू करना होगा, जो जिले की हर पंचायत, हर गली और हर घर को नशामुक्त बनाने के लिए समर्पित होगा।

उपराज्यपाल ने आगे कहा कि पुंछ के लोग जानते हैं कि सीमावर्ती जिला होने के कारण, नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवादी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी युवाओं की जिंदगी तबाह कर रही है और साथ ही आतंकवाद को वित्त पोषित कर रही है। हमें इसका मुकाबला समाजव्यापी दृष्टिकोण से करना होगा।

उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए उदासीनता की जगह कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ‘यह मेरी समस्या नहीं है’ वाली मानसिकता मादक पदार्थों के तस्करों और दलालों को और भी बढ़ावा देती है, जो जनता की चुप्पी का फायदा उठाकर अपने नेटवर्क का विस्तार करते हैं।

उन्होंने कहा कि सच्चा बदलाव तभी आता है जब समुदाय एकजुट होते हैं। नशामुक्त समाज का निर्माण वे लोग करते हैं जो खुलकर बोलने और कार्रवाई करने का साहस दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि मानसिकता बदलने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करने के लिए, हमारे पिछले 57 दिनों के अभियान ने जम्मू और कश्मीर में मादक पदार्थों के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की है। 1,038 एफआईआर के तहत 1,130 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, पीआईटी-एनडीपीएस (नशीले पदार्थों और मनोरोग पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988) के तहत 63 लोगों को हिरासत में लिया गया और 100 से अधिक संपत्तियां जब्त की गईं।

इन अपराधियों को पूरी तरह से निष्क्रिय करने के लिए, हमने 700 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और 130 पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने आह्वान किया कि ‘नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर’ अभियान हर घर तक पहुंचे और जन चेतना का एक स्थायी हिस्सा बन जाए।

–आईएएनएस

एमएस/

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