नाराज कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष होरट्टी 14 अगस्त को पद से इस्तीफा देंगे

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बेंगलुरु, 6 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया है कि वे 14 अगस्त को आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने नए मंत्रियों की सूची जारी करते हुए वरिष्ठ नेता सलीम अहमद का नाम इस पद के लिए घोषित किया है। इस कदम से विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आलोचना करते हुए कहा है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उम्मीदवार का नाम घोषित करना परंपरा के विरुद्ध है। पार्टी का कहना है कि अध्यक्ष पद संवैधानिक रूप से…

बेंगलुरु, 6 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया है कि वे 14 अगस्त को आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने नए मंत्रियों की सूची जारी करते हुए वरिष्ठ नेता सलीम अहमद का नाम इस पद के लिए घोषित किया है।

इस कदम से विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आलोचना करते हुए कहा है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उम्मीदवार का नाम घोषित करना परंपरा के विरुद्ध है।

पार्टी का कहना है कि अध्यक्ष पद संवैधानिक रूप से पवित्र है और इसे पार्टी की राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

इस बीच, केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने गुरुवार को कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की और विचार-विमर्श किया।

बसवरज होरट्टी ने बताया कि कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होने वाला है। सत्र का पहला दिन दिवंगत गणमान्य व्यक्तियों के लिए शोक सभाओं के लिए समर्पित होगा। होरट्टी ने कहा कि वे सत्र के दूसरे दिन, उपाध्यक्ष पद के चुनाव के तुरंत बाद, 14 अगस्त को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।

होरट्टी ने बताया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें सूचित किया है कि यह निर्णय कांग्रेस हाई कमांड द्वारा लिया गया है।

होरट्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि यह कांग्रेस हाई कमांड का अंतिम निर्णय है और उन्होंने मुझसे अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का अनुरोध किया। मैंने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।

घटनाक्रम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए होरट्टी ने कहा कि इस तरह से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना अनुचित है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद का इस तरह अनादर करना या उस पर कब्जा करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने मुझे बताया कि उच्च कमान का आदेश है और इसलिए मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए। सिद्धारमैया ने भी मुझसे कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी से बात नहीं करेंगे।

होरट्टी ने आगे कहा कि अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद भी वे विधान परिषद की कार्यवाही में एक साधारण सदस्य के रूप में भाग लेते रहेंगे।

उन्होंने कहा क मुझ पर अविश्वास जताने वाली टिप्पणियों से मुझे गहरा आहत हुआ है। मैं ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहता, इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है।

–आईएएनएस

एमएस/

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