सिद्दारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात की, कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

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नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी तथा कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने कर्नाटक में कैबिनेट के खाली पद का मुद्दा उठाया और पार्टी लीडरशिप से इसे जल्द से जल्द भरने की अपील की। सिद्धारमैया ने कर्नाटक में जाति जनगणना रिपोर्ट को जल्द लागू करने की भी मांग की है। रिपोर्ट के नतीजों को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। यह बैठक ऐसे समय…

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी तथा कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने कर्नाटक में कैबिनेट के खाली पद का मुद्दा उठाया और पार्टी लीडरशिप से इसे जल्द से जल्द भरने की अपील की। सिद्धारमैया ने कर्नाटक में जाति जनगणना रिपोर्ट को जल्द लागू करने की भी मांग की है। रिपोर्ट के नतीजों को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राज्य कैबिनेट के हालिया विस्तार के बाद सिद्धारमैया अपने कुछ करीबी सहयोगियों के लिए कैबिनेट में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया कैबिनेट विस्तार के दूसरे चरण से नाखुश थे क्योंकि जिन नामों का उन्होंने समर्थन किया था, उन्हें शामिल नहीं किया गया, जबकि कई ऐसे नाम लिस्ट में आ गए जिनका उन्होंने समर्थन नहीं किया था।

खबरों के मुताबिक, इस घटनाक्रम से सिद्धारमैया और कांग्रेस आलाकमान के साथ-साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। इसके बाद सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था।

राहुल गांधी से मिलने के बाद, सिद्धारमैया के एआईसीसी महासचिव (संगठन) और सांसद केसी वेणुगोपाल से उनके घर पर मिलने की उम्मीद है। इस बैठक में कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक मामलों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद से सिद्धारमैया ने ज्यादातर चुप्पी साधे रखी है। हालांकि, कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर के हालिया बयानों, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्धारमैया फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे, पार्टी के भीतर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की बात भी कही है। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को संन्यास के बारे में और बयान न देने की सलाह दी और चेतावनी दी कि ऐसे बयानों से पार्टी के भीतर भ्रम पैदा हो सकता है और पार्टी की राजनीतिक संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

सिद्धारमैया ने तीन मौकों पर सार्वजनिक रूप से सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की बात कही है, जिससे उनकी भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

कांग्रेस लीडरशिप आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और अगले विधानसभा व लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। कर्नाटक के राजनीतिक हलकों में सिद्धारमैया और वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं के बीच हो रही बैठकों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। ये बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी राज्य में अलग-अलग सामाजिक समूहों के लिए कैबिनेट में हिस्सेदारी, जाति जनगणना लागू करने, लीडरशिप की भूमिकाओं और राजनीतिक मौकों से जुड़ी अलग-अलग मांगों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने साफ किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे के पीछे कोई नाराजगी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर वह नाराज होते, तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते।

–आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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IANS Agency

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