खान सर ने पेपर लीक पर जताई चिंता, कहा- सुरक्षा प्रश्न पत्र बनाने और छपने की जगह से शुरू होनी चाहिए

Summary :

पटना, 1 जून (आईएएनएस)। जाने-माने शिक्षक खान सर ने सोमवार को परीक्षा के पेपर लीक होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का असर न केवल छात्रों पर, बल्कि शिक्षकों पर भी पड़ता है, जिन्हें महीनों की शैक्षणिक तैयारी दोबारा करवानी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा उपायों का मुख्य ध्यान केवल प्रश्न पत्रों के परिवहन पर ही नहीं, बल्कि उस चरण पर होना चाहिए जहां प्रश्न पत्र तैयार और मुद्रित किए जाते हैं। आईएएनएस से ​​बात करते हुए, खान सर ने कहा कि पेपर लीक होने से छात्रों और शिक्षकों, दोनों…

पटना, 1 जून (आईएएनएस)। जाने-माने शिक्षक खान सर ने सोमवार को परीक्षा के पेपर लीक होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का असर न केवल छात्रों पर, बल्कि शिक्षकों पर भी पड़ता है, जिन्हें महीनों की शैक्षणिक तैयारी दोबारा करवानी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा उपायों का मुख्य ध्यान केवल प्रश्न पत्रों के परिवहन पर ही नहीं, बल्कि उस चरण पर होना चाहिए जहां प्रश्न पत्र तैयार और मुद्रित किए जाते हैं।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए, खान सर ने कहा कि पेपर लीक होने से छात्रों और शिक्षकों, दोनों को ही काफी मानसिक तनाव होता है।

उन्होंने कहा, “जब पेपर लीक होता है, तो छात्रों को तो नुकसान होता ही है, लेकिन शिक्षकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्हें वही सिलेबस फिर से पढ़ाना पड़ता है और छात्रों को नई परीक्षा के लिए तैयार करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसमें शामिल सभी लोगों के लिए यह मानसिक रूप से बहुत थकाने वाला अनुभव होता है।”

उन रिपोर्टों पर टिप्पणी करते हुए, जिनमें कहा गया था कि आने वाली नीट-यूजी दोबारा परीक्षा के प्रश्न पत्र भारतीय वायु सेना की मदद से पहुंचाए जा सकते हैं, खान सर ने तर्क दिया कि परीक्षा से जुड़े इस विवाद में प्रश्न पत्रों को पहुंचाना मुख्य मुद्दा नहीं है।

उन्होंने कहा, “समस्या इस बात में नहीं है कि पेपर कैसे पहुंचाया जाता है। चाहे उसे ट्रेन, हेलीकॉप्टर, रॉकेट या मिसाइल से ले जाया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर पेपर लीक होने की शुरुआत ही उसके बनने की जगह से हो रही हो। जहां पेपर बनाया जाता है, उसे संभाला जाता है और प्रिंट किया जाता है, वहां सबसे कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए। असली चुनौती तो वहीं से शुरू होती है।”

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के नतीजों की घोषणा का जिक्र करते हुए, खान सर ने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि उम्मीदवारों को एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए सफलता मिली है।

उन्होंने कहा, “बिहार पुलिस के नतीजे आज घोषित किए गए। यह जानकर बहुत अच्छा लग रहा है कि इन उम्मीदवारों ने अपनी सफलता पूरी ईमानदारी से हासिल की है और अब वे देश की सेवा करेंगे। अगर पेपर लीक हो गया होता, तो शायद कई काबिल उम्मीदवार इस मौके से वंचित रह जाते।”

इस शिक्षक ने परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के लिए सबसे कड़ी सजा की भी मांग की।

छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने पूछा कि परीक्षा के पेपर लीक करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों को किस तरह की सजा दी जानी चाहिए।

कई छात्रों ने जवाब में कड़ी सजा की मांग की। खान सर ने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने और प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई बहुत जरूरी है।

इस बीच, उनकी ये टिप्पणियां नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में घोषणा की थी कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयासों के तहत, 21 जून को होने वाली नीट-यूजी दोबारा परीक्षा के प्रश्न पत्रों को पहुंचाने में भारतीय वायु सेना मदद करेगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को हुई मूल नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था, क्योंकि जांच में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से कथित तौर पर लीक हो गए थे। यह दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी, और इसके एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होने की उम्मीद है।

इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पेपर का अनुवाद करने वाले, विषय विशेषज्ञ और ऐसे बिचौलिए शामिल हैं, जिन पर देश भर में 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों द्वारा दी गई परीक्षा से पहले ही उसके कंटेंट को लीक करवाने का आरोप है।

–आईएएनएस

एससीएच/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.