बेंगलुरु, 24 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु स्थित आवास पर लगभग 9 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
आरोप है कि वेटरनरी अधिकारियों की भर्ती में उम्मीदवारों से नौकरी बदले कथित तौर पर 70 से 80 लाख रुपए तक की रिश्वत मांगी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, जब ईडी की टीम पहुंची तो ज्ञानेंद्र कुमार अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। बताया जाता है कि अधिकारी तीन दिन पहले ही बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश चले गए थे। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि वह वहां इसलिए गए थे, क्योंकि उनके पिता बीमार थे।
सूत्रों का दावा है कि ज्ञानेंद्र कुमार अपने आवास से दो बड़े बैग लेकर निकले थे और अपने साथ लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले गए थे। नतीजतन, ईडी टीम को आवास पर बहुत कम सामग्री मिली।
माना जाता है कि तलाशी टीम ने छिपे हुए दस्तावेजों या अन्य सामग्री की तलाश के लिए स्कैनर का उपयोग करते हुए अलमारी, दीवारों और फर्श के नीचे के क्षेत्रों सहित पूरे परिसर की अच्छी तरह से जांच की। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने कई घंटों तक घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान एक डायरी और कुछ रिकॉर्ड बरामद किए गए। ईडी ने बैंक स्टेटमेंट और उन निजी कंपनियों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी भर्ती से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
हालांकि, सूत्रों का दावा है कि आवास से अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे। कुछ पुराने कपड़ों और फर्नीचर के अलावा, अधिकारियों को काम की बहुत कम सामग्री मिली।
बताया गया कि ईडी टीम सीआरपीएफ जवानों के साथ तीन गाड़ियों में अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स पहुंची थी। प्रवेश द्वार शुरू में बंद था और सुरक्षा कर्मियों ने कथित तौर पर अंदर जाने से मना कर दिया था। हालांकि, ईडी टीम की ओर से ज्ञानेंद्र कुमार से संपर्क करने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने परिसर का गेट खोल दिया। हालांकि, उनका आवास बंद था, जिसके बाद दरवाजा खोलने के लिए एक ताला बनाने वाले को बुलाया गया। तलाशी प्रक्रिया के हिस्से के रूप में इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
बताया गया कि तलाशी के बाद ई़डी अधिकारियों ने ज्ञानेंद्र कुमार के घर पर एक नोटिस चिपकाया, जिसमें उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया। बताया जा रहा है कि अधिकारी अभी मिल नहीं रहे हैं।
बता दें कि 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार ने मार्च तक केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्य किया था और कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) परीक्षा व वेटरनरी अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के संचालन से जुड़े थे।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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