कोलकाता, 11 जुलाई (आईएएनएस)। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), अलीपुर ने शनिवार को दक्षिण बंगाल के जिलों और कोलकाता में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे राज्य में चल रहा बारिश का मौजूदा दौर और लंबा खिंचने की संभावना है।
कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में पिछले रविवार (5 जुलाई) से मध्यम से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसूनी हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली है और सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश कराएगा।
आरएमसी के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। वहीं, मानसून ट्रफ राजस्थान से पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि निम्न दबाव की धुरी (लो-प्रेशर एक्सिस) उत्तर की ओर होने के कारण बंगाल में बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी। खराब समुद्री मौसम को देखते हुए शनिवार और रविवार को मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण बंगाल के सभी जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पूर्व बर्धमान, नदिया और बांकुड़ा जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा बीरभूम, हुगली, उत्तर 24 परगना और हावड़ा समेत कई जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। कोलकाता में शनिवार को मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अगले चार से पांच दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
उधर, उत्तर बंगाल के अधिकांश ऊपरी जिलों में भी शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन तीनों जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी रविवार तक प्रभावी रहेगी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को कोलकाता का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस कम था। शहर में अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 98 प्रतिशत और न्यूनतम 95 प्रतिशत दर्ज की गई।
–आईएएनएस
डीएससी
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