नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भारत के राजनीतिक इतिहास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए हैं। पीएम मोदी ने सिक्किम के पूर्व सीएम पवन कुमार चामलिंग का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसे लेकर जाने-माने थिंक टैंक ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्रा ने कहा कि यह मील का पत्थर है। यह उपलब्धि कई चुनावों में निरंतर बनी रहने वाली एक दुर्लभ लोकतांत्रिक स्वीकृति को दर्शाती है।
सीईओ अखिलेश मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि भारत जैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी लोकतंत्र में सत्ता को दीर्घायु आसानी से नहीं मिलती, बल्कि जनता के विश्वास के माध्यम से इसे बार-बार अर्जित करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारत की सत्ता में बने रहना जन्मजात वरदान नहीं है, बल्कि यह चुनाव दर चुनाव और फैसले दर फैसले के साथ अर्जित किया जाता है।
उन्होंने इस उपलब्धि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीएम मोदी अब तक एक निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में 8,900 से अधिक दिन बिता चुके हैं, पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में, जो सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के कार्यकाल से अधिक है।
अखिलेश मिश्रा ने कहा कि दुनिया भर के लोकतंत्रों में नेतृत्व में इस तरह की निरंतरता असामान्य है, जहां व्यापक रूप से लोकप्रिय नेता अक्सर सत्ता में आते-जाते रहते हैं। भारत के अतीत के सबसे प्रभावशाली नेता भी इस स्तर की राजनीतिक दीर्घायु प्राप्त नहीं कर सके।
मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल न सिर्फ अपनी अवधि के लिए, बल्कि लगातार चुनावों के माध्यम से नवीनीकृत किए गए जनादेश की प्रकृति के लिए भी उल्लेखनीय है।
उन्होंने गुजरात में उनके शासन के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि भुज भूकंप के बाद 2001 में शुरू हुआ वह दौर एक व्यापक शासन मॉडल में विकसित हुआ, जिसने बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, कृषि और औद्योगिक विस्तार पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2002 से 2023 के बीच 16 गुना बढ़ा, जबकि विनिर्माण क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का लगभग 44 प्रतिशत हो गया। राज्य में कृषि की वार्षिक वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
मिश्रा ने तर्क दिया कि नरेंद्र मोदी के प्रमुख राजनीतिक योगदानों में से एक पारंपरिक सत्ता-विरोधी भावना से हटकर उस दृष्टिकोण को अपनाना रहा है, जिसे उन्होंने ‘प्रदर्शन आधारित सत्ता समर्थक भावना’ के रूप में वर्णित किया है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान हुए कई राष्ट्रीय स्तर के घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया, जिनमें यूपीआई जैसी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में वृद्धि और रक्षा निर्यात में तीव्र वृद्धि शामिल है।
मिश्रा ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पीएम मोदी की नेतृत्व यात्रा न सिर्फ उनकी राजनीतिक दीर्घायु को, बल्कि भारत में शासन और जन आकांक्षाओं में एक व्यापक बदलाव को भी दर्शाती है।
–आईएएनएस
डीकेपी/एबीएम
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