पूर्वोत्तर के हर राज्य की आर्थिक ताकत और विकास के कारकों की होगी पहचान : सीएम नेफियू रियो

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शिलांग, 4 जून (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने गुरुवार को कहा कि उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से गठित एक उच्च-स्तरीय कार्य बल तंत्र के माध्यम से प्रत्येक पूर्वोत्तर राज्य की आर्थिक शक्तियों और विकास के माध्यमों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिलांग में केंद्रीय गृह मंत्री और एनईसी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुए पूर्ण सत्र के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मुख्यमंत्री रियो ने कहा कि चर्चा का केंद्र बिंदु राज्य-विशिष्ट विकास रणनीतियों को तैयार करना और पूर्वोत्तर…

शिलांग, 4 जून (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने गुरुवार को कहा कि उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से गठित एक उच्च-स्तरीय कार्य बल तंत्र के माध्यम से प्रत्येक पूर्वोत्तर राज्य की आर्थिक शक्तियों और विकास के माध्यमों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

शिलांग में केंद्रीय गृह मंत्री और एनईसी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुए पूर्ण सत्र के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मुख्यमंत्री रियो ने कहा कि चर्चा का केंद्र बिंदु राज्य-विशिष्ट विकास रणनीतियों को तैयार करना और पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों की अनूठी आर्थिक क्षमता का लाभ उठाना था।

मुख्यमंत्री रियो ने कहा, “अब यह पूर्वोत्तर के लिए है। सभी सहयोगी राज्यों, यानी आठों राज्यों का दौरा उच्च स्तरीय कंपनी कार्यबल द्वारा किया गया है ताकि उनके संबंधित राज्यों में अर्थव्यवस्था को गति देने की संभावनाओं की पहचान की जा सके।”

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान कार्य बलों द्वारा तैयार किए गए निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत की गईं और भाग लेने वाले राज्यों तथा एनईसी के सदस्यों के बीच उन पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने उनके सामने अपनी राय रखी और अपना दृष्टिकोण साझा किया। कार्य बल की रिपोर्टों के बाद कई चर्चाएं हुईं। हमारा मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास और वृद्धि की एक नई अवधारणा लाना है।”

मुख्यमंत्री रियो के अनुसार, विचार-विमर्श में उच्च विकास क्षमता वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य-विशिष्ट हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर विस्तार से बात की गई।

इस पूर्ण सत्र में पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ एनईसी अधिकारियों और केंद्रीय सरकार के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल थे।

चर्चाओं में अवसंरचना विकास, कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और विभिन्न क्षेत्र-विशिष्ट कार्य बलों द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों के कार्यान्वयन को शामिल किया गया।

73वें राष्ट्रीय परिषद के पूर्ण सत्र में क्षेत्र भर में विकासात्मक प्राथमिकताओं की समीक्षा करने और पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय को मजबूत करने के तरीकों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

–आईएएनएस

एसएके/एबीएम

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