चेन्नई, 4 जून (आईएएनएस)। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु विद्युत बोर्ड (टीएनईबी) मुख्यालय से संवेदनशील डेटा वाले हार्ड डिस्क चोरी होने के कथित मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई कि यह घटना बिजली विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के सबूत मिटाने की साजिश से जुड़ी हो सकती है।
एक बयान में अंबुमणि रामदास ने कहा कि चेन्नई स्थित टीएनईबी मुख्यालय से महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड वाले कई हार्ड डिस्क गायब होने की खबरें बेहद चौंकाने वाली हैं। उन्होंने इसे राज्य के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों में से एक से संवेदनशील डेटा की चोरी बताते हुए गंभीर चिंता का विषय बताया।
पीएमके प्रमुख ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टीएनईबी मुख्यालय के कंप्यूटरों से 18 हार्ड डिस्क चोरी हुए हैं, जबकि पुलिस में दर्ज शिकायत में केवल 8 हार्ड डिस्क का ही उल्लेख किया गया है। उन्होंने इस अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक संख्या आधिकारिक तौर पर बताई गई संख्या से कहीं अधिक हो सकती है।
अंबुमणि ने दावा किया कि गायब हुए हार्ड डिस्क में कोयला खरीद, ठेकों, प्रशासनिक निर्णयों और बिजली क्षेत्र में कथित अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारी मौजूद थी। उन्होंने कहा कि इन सूचनाओं की प्रकृति को देखते हुए यह संदेह पैदा होता है कि चोरी का मकसद भ्रष्टाचार से जुड़े सबूतों को मिटाना हो सकता है।
उन्होंने टीएनईबी मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यालय में प्रवेश कड़ी निगरानी में होता है और किसी बाहरी व्यक्ति के लिए अंदर जाकर सरकारी उपकरण निकाल ले जाना आसान नहीं है। ऐसे में इस मामले में अंदरूनी लोगों या कर्मचारियों की भूमिका की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पीएमके अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले पांच वर्षों से काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है, तो इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में निगरानी व्यवस्था का वर्षों तक निष्क्रिय रहना बेहद गंभीर मामला है और इसकी भी जांच होनी चाहिए।
अंबुमणि रामदास ने कहा कि राज्य का बिजली क्षेत्र पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में सरकार को इस कथित चोरी की व्यापक जांच करानी चाहिए, दोषियों की पहचान करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि क्या हार्ड डिस्क गायब करने का उद्देश्य किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के सबूत छिपाना था।
उन्होंने यह भी जानने की मांग की कि संवेदनशील रिकॉर्ड रखने वाले कार्यालय में निगरानी तंत्र को वर्षों तक निष्क्रिय क्यों रहने दिया गया।
–आईएएनएस
एएमटी/पीएम
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