कोलकाता पुलिस ने 2016 से दंडात्मक तबादलों पर भेजे गए कर्मियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू की

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कोलकाता, 25 मई (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस के उन कर्मियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिन्हें वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर निष्पक्ष भूमिका निभाने, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के मौखिक निर्देशों की अनदेखी करने के कारण तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार द्वारा दंडात्मक तबादले के तहत जिलों में भेज दिया गया था। कोलकाता पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि 2016 में कुल 82 जूनियर स्तर के पुलिस अधिकारियों को दंडात्मक तबादले के तहत अन्य जिलों में भेज दिया गया था और पिछले…

कोलकाता, 25 मई (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस के उन कर्मियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिन्हें वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर निष्पक्ष भूमिका निभाने, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के मौखिक निर्देशों की अनदेखी करने के कारण तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार द्वारा दंडात्मक तबादले के तहत जिलों में भेज दिया गया था।

कोलकाता पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि 2016 में कुल 82 जूनियर स्तर के पुलिस अधिकारियों को दंडात्मक तबादले के तहत अन्य जिलों में भेज दिया गया था और पिछले 10 वर्षों में उनमें से किसी को भी वापस कोलकाता पुलिस में नहीं लाया गया। उस समय तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार कोलकाता के पुलिस आयुक्त थे।

कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने कहा, “जनवरी 2024 में जब भांगर डिवीजन को कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया, तब तत्कालीन पुलिस आयुक्त और वर्तमान में निलंबित आईपीएस अधिकारी विनीत कुमार गोयल ने नए डिवीजन के गठन के बाद अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उन 82 पुलिस अधिकारियों को वापस कोलकाता पुलिस में लाने का प्रयास किया था। हालांकि, विनीत गोयल के इस प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों से मंजूरी नहीं मिली।”

अब वर्तमान पुलिस आयुक्त अजय नंद ने उन 82 पुलिस अधिकारियों को वापस कोलकाता पुलिस में लाने की औपचारिक प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। उन्होंने राज्य के गृह विभाग को पत्र लिखकर इन कर्मियों को फिर से कोलकाता पुलिस के अधीन लाने की अनुमति भी मांगी है।

साथ ही, उन्होंने नई भर्तियां होने तक अंतरिम अवधि में पुलिसकर्मियों की कमी को कुछ हद तक पूरा करने के लिए राज्य पुलिस से कुछ पुलिसकर्मियों को कोलकाता पुलिस में स्थानांतरित करने का भी अनुरोध किया है।

यह प्रस्ताव फिलहाल गृह विभाग की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में कोलकाता पुलिस में सब इंस्पेक्टरों के कुल 673 पद खाली हैं। कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने कहा, “चाहे थाना स्तर हो या विभिन्न इकाइयों का स्तर, सब-इंस्पेक्टर पूरी जांच प्रक्रिया की बुनियाद होते हैं। इसलिए उस स्तर पर कर्मचारियों की कमी अक्सर सुचारु कार्यप्रणाली में बाधा डालती है।”

–आईएएनएस

पीएम

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