जब तक मैं जीवित हूं, आरक्षण खत्म नहीं किया जा सकता: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा

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जयपुर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा के नांगल प्यारिवस में पंच अथाई में आयोजित एक आदिवासी महोत्सव में आरक्षण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक मैं जीवित हूं तब तक आरक्षण को खत्म नहीं किया जा सकता है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण खत्म किए जा सकने की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा, “जब तक किरोड़ी के शरीर में जान है, कोई आरक्षण को छू भी नहीं सकता।” मंत्री ने आदिवासी युवाओं से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने और सामाजिक बुराइयों…

जयपुर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा के नांगल प्यारिवस में पंच अथाई में आयोजित एक आदिवासी महोत्सव में आरक्षण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक मैं जीवित हूं तब तक आरक्षण को खत्म नहीं किया जा सकता है।

राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण खत्म किए जा सकने की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा, “जब तक किरोड़ी के शरीर में जान है, कोई आरक्षण को छू भी नहीं सकता।”

मंत्री ने आदिवासी युवाओं से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने और सामाजिक बुराइयों से लड़ने के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की।

किरोड़ी लाल मीणा टिटोली टोल प्लाजा से अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां लोगों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मीणा के राजनीतिक जीवन और संघर्षों पर आधारित एक किताब भी लॉन्च की गई।

किरोड़ी लाल मीणा ने अपने राजनीतिक सफ़र के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्होंने लगभग 600 आंदोलनों में हिस्सा लिया है, 17 बार जेल गए हैं और 138 कानूनी मामलों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

मीणा ने उन हालात का भी जिक्र किया जिनकी वजह से पंच अठाई को ‘मीणा हाई कोर्ट’ के नाम से जाना जाने लगा।

उन्होंने पंचायत से जुड़े एक विवाद का जिक्र किया, जब लगभग 50,000 लोगों की भीड़ दौसा की ओर मार्च कर रही थी। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

मीणा के अनुसार, जब भीड़ कई किलोमीटर आगे बढ़ गई, तो प्रशासन ने 14 गांव के बुज़ुर्गों या ‘पंचों’ को बुलाया और उन्हें भीड़ के हवाले कर दिया। उन्हें आज भी समझ नहीं आता कि प्रशासन ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की शक्ति ही सर्वोपरि है और बताया कि इसी संघर्ष ने ‘पंच अठाई’ को ‘ ‘मीणा हाई कोर्ट’ की पहचान दिलाई।

पंचना बांध से पानी का मुद्दा उठाते हुए मीणा ने लंबे संघर्ष के बाद पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि चंबल नदी का पानी दौसा लाने का काम चल रहा है।

पुरानी घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 1985 में उनकी जान जा सकती थी, लेकिन ईश्वर की कृपा से वे बच गए।

इस दौरान पीएम श्री स्कूल की छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जबकि सरकारी कॉलेज के छात्रों ने मीणा संस्कृति को दर्शाने वाले कार्यक्रम पेश किए। मध्य प्रदेश के आदिवासी बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, और स्टंट प्रदर्शन भी इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शामिल थे।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी

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