कोलकाता, 14 अगस्त (आईएएनएस)। आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में साजिश के अन्य पहलुओं की जांच कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस ने अगस्त 2024 में जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार की साजिश से जुड़े मामले में वांछित आरोपी संजीव मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि संजीव पनिहाटी के श्मशान घाट में साक्ष्यों को जल्द खत्म करने की कोशिश में शामिल था।
राज्य पुलिस के अधिकारी ने बताया कि फरार आरोपी को गुरुवार रात कोलकाता के चिनार पार्क स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले गुरुवार दोपहर इस मामले के मुख्य आरोपी निर्मल घोष को पड़ोसी राज्य ओडिशा में उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया था। निर्मल घोष पनिहाटी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और विधानसभा में पार्टी के पूर्व मुख्य सचेतक रह चुके हैं।
निर्मल घोष को ओडिशा से कोलकाता लाया गया है। घोष और मुखर्जी दोनों को शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा और लोक अभियोजक उनकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
इस साजिश में तीसरा आरोपी सोमनाथ डे जो पनिहाटी नगरपालिका से तृणमूल कांग्रेस का पार्षद है, अभी फरार है।
8 अगस्त को आरजी कर बलात्कार और हत्या पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार मामले में बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नई जांच कराने की घोषणा की। संदेह है कि पनिहाटी के एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार शव के दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना को खत्म करने के लिए किया गया था।
इसके बाद, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत खारदाह पुलिस स्टेशन में निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर पीड़ित पिता द्वारा दायर की गई नई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी।
तब से एफआईआर में नामजद तीनों आरोपी फरार हो गए थे। हालांकि घोष और मुखर्जी को पिछले 24 घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया है।
कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की महिला डॉक्टर का शव 9 अगस्त, 2024 की सुबह अस्पताल परिसर के एक सेमिनार हॉल से बरामद किया गया। बाद में पता चला कि पिछली रात उनके साथ बेरहमी से बलात्कार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद आरोप लगे कि पीड़ित के शव को जल्दबाजी में पनिहाटी के श्मशान घाट ले जाया गया और अंतिम संस्कार संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में दाह संस्कार कर दिया गया। आरोप है कि पूरी अंतिम संस्कार प्रक्रिया निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे की देखरेख में हुई थी।
–आईएएनएस
एसएके/वीसी
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