चंडीगढ़, 19 जून (आईएएनएस)। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम-पंजाब) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को लोक भवन में चंडीगढ़ के राज्यपाल और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और कृषि समुदाय से संबंधित विभिन्न मुद्दों और मांगों को उजागर करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए ऋण माफी, जल संसाधनों का संरक्षण, फसल बीमा, भूमि अधिग्रहण के मामले, चार साल पहले तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलनों से संबंधित मामलों की वापसी और कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली अन्य महत्वपूर्ण चिंताओं सहित कई प्रमुख मुद्दे उठाए।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे किसानों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और मांगों को पंजाब सरकार और भारत सरकार दोनों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उठाएंगे और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की कृषि, जल संसाधन और किसानों की आजीविका से संबंधित मामले अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने संयुक्त किसान मोर्चा से आग्रह किया कि वे एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करें जिसमें न केवल उनकी मांगें बल्कि व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान भी शामिल हों, ताकि इन मुद्दों को संबंधित सरकारों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को वापस लेने का प्रस्ताव भारत के राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है और आवश्यक प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का उनकी चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुनने और यह आश्वासन देने के लिए आभार व्यक्त किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित सरकारों के समक्ष उठाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द उचित समाधान निकाला जा सके।
–आईएएनएस
एमएस/
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