दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा का मजबूत कवच, छह माह में CISF ने लौटाए 22 लाख से अधिक के सामान

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Delhi Metro : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रतिदिन लाखों यात्रियों की जीवनरेखा बनी दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की भूमिका सराहनीय रही है। 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान सीआईएसएफ की डीएमआरसी यूनिट ने सुरक्षा, ईमानदारी और मानवीय संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने यात्रियों का भरोसा और मजबूत किया है। जारी किए गए ऑपरेशनल आंकड़ों के अनुसार, CISF जवानों ने मेट्रो नेटवर्क में अवैध हथियारों की तस्करी के पांच प्रयासों को विफल किया। नियमित और सतर्क जांच के दौरान चार हथियार तथा एक जीवित…

Delhi Metro : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रतिदिन लाखों यात्रियों की जीवनरेखा बनी दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की भूमिका सराहनीय रही है। 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान सीआईएसएफ की डीएमआरसी यूनिट ने सुरक्षा, ईमानदारी और मानवीय संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने यात्रियों का भरोसा और मजबूत किया है।

जारी किए गए ऑपरेशनल आंकड़ों के अनुसार, CISF जवानों ने मेट्रो नेटवर्क में अवैध हथियारों की तस्करी के पांच प्रयासों को विफल किया। नियमित और सतर्क जांच के दौरान चार हथियार तथा एक जीवित कारतूस बरामद किया गया। इन बरामदगियों ने संभावित सुरक्षा खतरों को समय रहते रोकने में अहम भूमिका निभाई और मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ईमानदारी के मामले में भी सीआईएसएफ ने मिसाल कायम की है।

पिछले छह महीनों में बल ने कुल 22,77,061 रुपये मूल्य का खोया हुआ सामान उसके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया। इसमें 15.77 लाख रुपये नकद, सात लाख रुपये का बैंक चेक और विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा शामिल रही। बरामद विदेशी मुद्रा में 80 ब्रिटिश पाउंड, 6,000 नेपाली रुपये, 130 सिंगापुर डॉलर और बड़ी मात्रा में इंडोनेशियाई रुपिया शामिल था।

इसके अलावा यात्रियों के लिए बेहद मूल्यवान निजी वस्तुएं भी सुरक्षित लौटाई गईं। इनमें लगभग 80 ग्राम सोना, सोने की चेन, अंगूठियां, बालियां, मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण, 32 लैपटॉप, 68 मोबाइल फोन और 9 महंगी घड़ियां शामिल हैं। इन वस्तुओं की सुरक्षित वापसी ने सीआईएसएफ की पारदर्शिता और जिम्मेदारी को रेखांकित किया है।

152 महिला यात्रियों को आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता कराई गई उपलब्ध

मानवीय सहायता के क्षेत्र में भी बल का प्रदर्शन सराहनीय रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और चाइल्ड हेल्पलाइन के सहयोग से सीआईएसएफ ने 69 लापता या घर से भागे बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिवारों से मिलाया। वहीं, 152 महिला यात्रियों को आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास को बल मिला। सीआईएसएफ डीएमआरसी यूनिट ने प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस अवधि में 389 सुरक्षा कर्मियों को उन्नत तलाशी तकनीक और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (यूपीएसएसएफ), सीआरपीएफ,आरपीएफ, आईटीबीपी, आईबीएसए और भारतीय सेना के अधिकारी शामिल रहे।

CISF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली मेट्रो जैसा व्यस्त परिवेश उच्चतम स्तर की सुरक्षा और संवेदनशील सेवा की मांग करता है। उन्होंने कहा कि बल का उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि हर यात्री को सुरक्षित, सम्मानजनक और भरोसेमंद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना भी है। यही प्रतिबद्धता सीआईएसएफ को दिल्ली मेट्रो का सच्चा सुरक्षा प्रहरी बनाती है।

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Avinay