Cyber fraud : अगर आपके मोबाइल पर कोई संदिग्ध लिंक आता है, कोई खुद को बैंक अधिकारी बताकर फोन करता है या घर बैठे मोटी कमाई का लालच देकर बैंक खाता खुलवाने के लिए कहता है तो सावधान हो जाइए। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे संगठित साइबर गिरोहों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और सटीक अभियान चलाते हुए महज 48 घंटे में 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में करीब 700 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के मार्गदर्शन में चलाए गए ‘ऑपरेशन साइहॉक 5.0’ के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसे साइबर अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी मुहिम माना जा रहा है। ज्वाइंट सीपी आईएफएससी रजनीश गुप्ता ने 16 से 18 जून तक “ऑपरेशन साइहॉक 5.0” चलाकर देशभर के साइबर अपराधियों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की।
महज 48 घंटे में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ छापेमारी कर 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि ये आरोपी करीब 700 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामलों में शामिल थे।
दिल्ली से तमिलनाडु तक साइबर ठगों पर चला पुलिस का चाबुक
दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइहॉक 5.0 के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस के सभी 15 जिले, क्राइम ब्रांच, आईएफएसओ, रेलवे और मेट्रो यूनिट शामिल रहीं। 2,374 पुलिसकर्मियों की 715 टीमों ने 21 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर साइबर ठगों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना समेत कई राज्यों में चलाए गए अभियान के दौरान 7,189 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनमें से 916 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 691 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 481 नए साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज किए और 410 पुराने मामलों का भी खुलासा किया।
साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस का वार
ऑपरेशन साइहॉक 5.0 के दौरान दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के उन नेटवर्कों को निशाना बनाया, जो देशभर में लोगों की मेहनत की कमाई लूट रहे थे। जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार “म्यूल अकाउंट” हैं। ठग नौकरी, कमीशन और घर बैठे कमाई का लालच देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं और फिर उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम इधर-उधर भेजते हैं। अभियान में ऐसे नेटवर्क से जुड़े 3,600 से अधिक लोगों की पहचान की गई।
पुलिस ने उन अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जो फर्जी एपीके फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल से ओटीपी और बैंकिंग जानकारी चुरा लेते थे। बिजली-पानी के बिल, वाहन पंजीकरण और बैंकिंग ऐप के नाम पर ये मालवेयर भेजे जाते थे। इसके अलावा नौकरी, मॉडलिंग, बीमा और विदेशी टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों का भी भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई में 760 मोबाइल फोन, 820 सिम कार्ड, 228 एटीएम कार्ड, 104 लैपटॉप, 21.72 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी थार रॉक्स एसयूवी बरामद की गई।
ऑपरेशन साइहॉक के जरिए दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। तकनीक और खुफिया जानकारी की मदद से ठगों की पहचान कर उनके पूरे तंत्र को निशाना बनाया गया। यह साफ संदेश है कि साइबर ठगी करने वालों को ढूंढकर कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा। साइबर-सेफ दिल्ली और साइबर-सिक्योर इंडिया के लिए हमारी मुहिम आगे भी और तेज़ी से जारी रहेगी।
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