बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन ने कांग्रेस के भीतर की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में पार्टी की हार में इसका भी योगदान रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि सिद्धारमैया स्टिंग विवाद का असर 2028 के चुनावों में भी कांग्रेस पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक के.एन. राजन्ना ने खुद ही इस बात की आशंका जताई थी कि इस विवाद का पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के खिलाफ यह स्टिंग ऑपरेशन कांग्रेस के ही कुछ नाराज नेताओं ने करवाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थक और मतदाता भी अब पार्टी के खिलाफ हो गए हैं।
मुख्यमंत्री डीके. शिवकुमार पर तीखा हमला करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के भीतर चल रही आपसी कलह और उसकी नीतियों की वजह से ही पार्टी को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार किसानों को धोखा दिया है, कमजोर वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की पेंशन बंद कर दी है और कई सरकारी विभागों को पर्याप्त फंड नहीं दिया है।
उन्होंने सरकार पर राज्य के वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया और कहा कि दूध और बस के किराए में बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अशोक ने कहा कि लोगों को समझ आ गया है कि यह सरकार राज्य के लिए नुकसानदेह है। कांग्रेस को इस खराब शासन का खामियाजा जल्द ही भुगतना पड़ेगा।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए अशोक ने कहा कि अभी तो पार्टी खुद एक राजनीतिक तूफान का सामना कर रही है, लेकिन आने वाले चुनावों में जनता सरकार के खिलाफ एक ऑपरेशन चलाएगी और उसे सत्ता से बाहर कर देगी।
हाल ही में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों में कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, मंगलवार को पार्टी के भीतर ही सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री शिवकुमार के समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई।
एमएलसी चुनावों में एनडीए ने चारों सीटें जीत लीं, जिसमें भाजपा को तीन और जेडी (एस) को एक सीट मिली।
सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी और कांग्रेस विधायक केएन. राजन्ना ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है, और संभव है कि एमएलसी चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के पीछे यही एक कारण रहा हो।
हालांकि, शिवकुमार के समर्थक और नगर प्रशासन मंत्री एच.सी. बालकृष्ण ने राजन्ना और उनके बेटे पर आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों के लिए काम नहीं किया और पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
–आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
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