परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द करने से तमिलनाडु के विकास को लगेगा झटका: एमके स्टालिन

Summary :

चेन्नई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। डीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को टीवीके सरकार द्वारा प्रस्तावित परंदूर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से तमिलनाडु के विकास को बड़ा झटका लगेगा और निवेशकों की पसंदीदा मंजिल के रूप में राज्य की स्थिति कमजोर हो सकती है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा में परियोजना को छोड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह फैसला छोटी राजनीतिक सोच से प्रेरित है और इसके कारण तमिलनाडु के दीर्घकालिक हितों की अनदेखी की गई है।…

चेन्नई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। डीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को टीवीके सरकार द्वारा प्रस्तावित परंदूर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से तमिलनाडु के विकास को बड़ा झटका लगेगा और निवेशकों की पसंदीदा मंजिल के रूप में राज्य की स्थिति कमजोर हो सकती है।

मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा में परियोजना को छोड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह फैसला छोटी राजनीतिक सोच से प्रेरित है और इसके कारण तमिलनाडु के दीर्घकालिक हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं बल्कि राज्य के लिए एक बड़ी निराशा है।

स्टालिन ने विधानसभा के नियम 110 के तहत की गई घोषणा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत तत्काल चर्चा की अनुमति नहीं होती, जबकि इतने महत्वपूर्ण विषय पर फैसला लेने से पहले विधायकों को चर्चा का अवसर दिया जाना चाहिए था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात, ऑटोमोबाइल निर्माण और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अग्रणी बने तमिलनाडु को एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की आवश्यकता है। उनके अनुसार, उद्योग, निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई में आधुनिक और विस्तारित विमानन बुनियादी ढांचे का होना जरूरी है।

स्टालिन ने दावा किया कि परंदूर को सभी संभावित वैकल्पिक स्थानों की विस्तृत जांच के बाद चुना गया था। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े कई नियामकीय अनुमोदन प्राप्त किए जा चुके थे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही थी।

उनके मुताबिक, पिछली डीएमके सरकार ने सत्ता में वापसी के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी भी कर ली थी।

स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि अब किसी नए स्थान की तलाश की जाती है तो नई मंजूरियां लेने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी। इससे परियोजना में वर्षों की देरी होगी और इस दौरान राज्य के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

डीएमके नेता ने कहा कि ‘द्रविड़ मॉडल’ शासन के दौरान तमिलनाडु निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला उन राज्यों के लिए “जैकपॉट” साबित हो सकता है, जो उद्योगों और निवेश को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने और आगे चलकर उसे 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निरंतर औद्योगिक विकास के बिना हासिल नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने पर्याप्त विचार-विमर्श और दूरदृष्टि के बिना यह फैसला लिया है। उनका कहना है कि इससे रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं और राज्य के युवाओं की भविष्य की उम्मीदों को झटका लग सकता है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.