जोमैटो के बाद स्विगी ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, अब खाना ऑर्डर करने पर देने होंगे ज्यादा पैसे

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नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने खाना ऑर्डर करने पर लगने वाली प्लेटफॉर्म फीस को 17 प्रतिशत बढ़कर 17.58 रुपए प्रति ऑर्डर (जीएसटी सहित) कर दिया है, जो पहले 14.99 रुपए थी। स्विगी ऐप की बिलिंग के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में करीब 17 प्रतिशत या 2.59 रुपए का इजाफा हुआ है। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि “प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव” में मदद करने के उद्देश्य से की गई है। इससे पहले स्विगी ने अगस्त 2025 में स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में करीब 2 रुपए की वृद्धि की थी, जो कि पहले 12 रुपए…

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने खाना ऑर्डर करने पर लगने वाली प्लेटफॉर्म फीस को 17 प्रतिशत बढ़कर 17.58 रुपए प्रति ऑर्डर (जीएसटी सहित) कर दिया है, जो पहले 14.99 रुपए थी।

स्विगी ऐप की बिलिंग के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में करीब 17 प्रतिशत या 2.59 रुपए का इजाफा हुआ है।

कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि “प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव” में मदद करने के उद्देश्य से की गई है।

इससे पहले स्विगी ने अगस्त 2025 में स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में करीब 2 रुपए की वृद्धि की थी, जो कि पहले 12 रुपए थी।

इससे पहले अन्य फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया था। जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 प्रतिशत या 2.40 रुपए प्रति ऑर्डर का इजाफा किया था।

बढ़ोतरी के बाद नई प्लेटफॉर्म फीस 14.90 रुपए प्रति ऑर्डर (जीएसटी से पहले) हो गई है, जो कि पहले 12.5 रुपए थी। जीएसटी सहित अब फीस 17.58 रुपए प्रति ऑर्डर हो गई है।

प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है, जब हाल ही में एलपीजी की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे रेस्तरां की लागत में बढ़ोतरी देखी गई है।

इससे पहले जोमैटो ने आखिरी बार सितंबर 2025 में प्लेटफॉर्म शुल्क में बदलाव किया था। इससे पहले, फरवरी 2025 में, जोमैटो ने त्योहारी सीजन के दौरान प्लेटफॉर्म शुल्क को 6 रुपए प्रति ऑर्डर से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति ऑर्डर कर दिया था।

स्विगी के शेयरों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। दोपहर 12:30 बजे स्विगी 2.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 279.55 रुपए पर था। बीते एक हफ्ते में शेयर 5 प्रतिशत से अधिक और एक महीने में 10 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुका है। वहीं, बीते छह महीनों में इसमें 36 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट देखी गई है।

–आईएएनएस

एबीएस/

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