चेन्नई, 25 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों के लिए एक बड़ी फसल ऋण माफी योजना की घोषणा की, जिससे राज्य भर के छोटे और सीमांत किसानों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
यह घोषणा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित फसल ऋण माफी पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान की गई।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम. विनोद, सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज, वित्त, योजना एवं विकास मंत्री एन. मारिया विल्सन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने कृषि ऋण के बोझ तले दबे छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए एक संरचित ऋण माफी पैकेज शुरू किया है।
इस योजना के तहत सहकारी बैंकों के माध्यम से 50,000 रुपए तक का फसल ऋण लेने वाले सीमांत किसानों को उनकी बकाया राशि की पूरी माफी मिलेगी।
50,001 रुपए से 60,000 रुपए के बीच के ऋणों पर 40,000 रुपए की छूट मिलेगी, जबकि 60,001 रुपए से 70,000 रुपए के बीच के ऋणों पर 30,000 रुपए की छूट मिलेगी।
जिन किसानों पर 70,001 रुपए से लेकर 80,000 रुपए तक का कर्ज है, उन्हें 20,000 रुपए की राहत मिलेगी।
80,001 रुपए से 1 लाख रुपए के बीच के ऋण के लिए माफी की राशि 10,000 रुपए तय की गई है, जबकि 1 लाख रुपए से अधिक के फसल ऋण वाले लोगों को 5,000 रुपए की माफी मिलेगी।
सरकार ने छोटे किसानों के लिए अलग से लाभों की भी घोषणा की है।
छोटे किसानों द्वारा लिए गए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
50,001 रुपए से 60,000 रुपए के बीच के ऋणों पर 20,000 रुपये की छूट मिलेगी, जबकि 60,001 रुपए से 70,000 रुपए के बीच के ऋणों पर 15,000 रुपए की राहत मिलेगी।
70,001 रुपए से लेकर 80,000 रुपए तक के ऋणों पर 10,000 रुपए की छूट मिलेगी, जबकि 80,001 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक के ऋणों पर 5,000 रुपए की छूट मिलेगी।
छोटे और सीमांत किसानों के अलावा, राज्य सरकार ने सहकारी बैंकों के माध्यम से फसल ऋण लेने वाले बड़े किसानों को भी राहत प्रदान की है।
इस योजना के तहत पात्र बड़े किसानों को 5,000 रुपए तक के फसल ऋण की माफी मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से किसानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने और कृषि क्षेत्र में ऋण का बोझ कम होने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
डीकेपी/
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