चेन्नई, 8 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने ग्रामीण डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और कोऑपरेटिव डेयरी ब्रांड आविन द्वारा दूध खरीद में आई गिरावट को दूर करने के लिए सहकारी डेयरी नेटवर्क में 22,500 अतिरिक्त दुधारू गायों को शामिल करने की योजना बनाई है।
इस पहल के तहत वर्ष 2026-27 में ग्रामीण लाभार्थियों को 10,000 दुधारू गायें मुफ्त वितरित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही मध्यम और मिनी डेयरी योजनाओं के जरिए 12,500 अतिरिक्त गायों की खरीद को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
डेयरी विस्तार कार्यक्रम का विवरण राज्य सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए घोषित नवीनतम कदमों के तहत सामने आया है। सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से आने वाले कुछ वर्षों में आविन की दैनिक दूध खरीद में कम से कम 1.5 लाख लीटर की बढ़ोतरी होगी।
योजना के लाभार्थियों को गांव स्तर की प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आविन को दूध की आपूर्ति कर सकेंगे। साथ ही उन्हें पशु चारा सब्सिडी और अन्य सरकारी सहायता भी मिल सकेगी। यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब आविन की औसत दैनिक दूध खरीद एक साल पहले के लगभग 35 लाख लीटर से घटकर करीब 31.5 लाख लीटर रह गई है।
बेहतर खरीद मूल्य मिलने के कारण कुछ डेयरी किसान निजी डेयरियों की ओर रुख कर चुके हैं। इसके अलावा, आविन को खरीदे जा रहे दूध में औसत फैट और सॉलिड्स-नॉट-फैट की मात्रा में गिरावट जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
डेयरी योजनाओं के तहत प्रस्तावित 12,500 गायों में से 2,500 गायें 500 नई मध्यम आकार की डेयरी इकाइयों के लिए खरीदी जाएंगी। प्रत्येक इकाई में पांच गायें होंगी। शेष 10,000 गायें मौजूदा मिनी डेयरी कार्यक्रम के तहत खरीदी जाएंगी, जिसमें 5,000 इकाइयों को शामिल किया जाएगा और प्रत्येक इकाई में दो-दो गायें होंगी।
मीडियम डेयरी योजना के तहत, लाभार्थी शुरू में तीन गायें खरीदेंगे और छह महीने तक उनकी देखभाल करेंगे, जिसके बाद वे और दो गायें खरीदने के लिए आर्थिक मदद पाने के हकदार होंगे।
सरकार ने मीडियम डेयरी प्रोग्राम के तहत लाभार्थियों के लिए प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा है और बाकी रकम के लिए रियायती संस्थागत लोन का इंतजाम किया जाएगा।
लोन की सुविधा डेयरी विकास विभाग और तमिलनाडु पिछड़ा वर्ग आर्थिक विकास निगम के जरिए दी जाएगी। मिनी-डेयरी स्कीम के तहत, दो गाय खरीदने वाले लाभार्थियों को चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
2025-26 के दौरान इस प्रोग्राम से 1,625 किसानों को 3,363 गायें खरीदने में मदद मिली, हालांकि लोन देने, मंजूरी मिलने और कीमत तय करने में देरी के कारण इसे लागू करने का काम लक्ष्य से पीछे रह गया।
उम्मीद है कि सरकार जल्द ही जर्सी क्रॉस-ब्रेड और होल्स्टीन फ्रिसियन जैसी मंज़ूरशुदा नस्लों के मवेशियों को खरीदने के लिए गाइडलाइंस जारी करेगी।
डेयरी सेक्टर के लिए एक और उपाय का प्रस्ताव है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले पात्र दूध उत्पादकों को सब्सिडी वाला पशु आहार दिया जाएगा।
यह आहार 2 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से दिया जाएगा और हर जानवर के लिए 300 दिनों तक रोजाना तीन किलोग्राम आहार मिलेगा।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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