तमिलनाडु में वाहन नंबर पंजीकरण शुल्क बढ़ाने की तैयारी, रखा संशोधन का प्रस्ताव

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चेन्नई, 23 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में मनचाहे या पसंदीदा पंजीकरण नंबर चाहने वाले वाहन मालिकों को जल्द ही काफी अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है राज्य सरकार ने शुल्क में भारी संशोधन का प्रस्ताव रखा है और भविष्य की पंजीकरण श्रृंखलाओं में नंबरों के लिए 8 लाख रुपए तक की लागत वाली एक नई प्रीमियम श्रेणी शुरू की है। यह प्रस्ताव तमिलनाडु मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के मसौदे का हिस्सा है, जो 19 जून को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। यह कदम 2012 के बाद पंजीकरण संख्या शुल्क में पहला बड़ा संशोधन है और इसका उद्देश्य अग्रिम…

चेन्नई, 23 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में मनचाहे या पसंदीदा पंजीकरण नंबर चाहने वाले वाहन मालिकों को जल्द ही काफी अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है राज्य सरकार ने शुल्क में भारी संशोधन का प्रस्ताव रखा है और भविष्य की पंजीकरण श्रृंखलाओं में नंबरों के लिए 8 लाख रुपए तक की लागत वाली एक नई प्रीमियम श्रेणी शुरू की है।

यह प्रस्ताव तमिलनाडु मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के मसौदे का हिस्सा है, जो 19 जून को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित हुआ था।

यह कदम 2012 के बाद पंजीकरण संख्या शुल्क में पहला बड़ा संशोधन है और इसका उद्देश्य अग्रिम और सरकार द्वारा आरक्षित पंजीकरण संख्याओं को नियंत्रित करने वाली मौजूदा प्रणाली में सुधार करना है।

वर्तमान प्रणाली के तहत वाहन पंजीकरण के समय पंजीकरण संख्याएं बिना किसी तय क्रम के रूप से आवंटित की जाती हैं। जो मालिक चल रही श्रृंखला की 1,000 संख्याओं के भीतर एक विशिष्ट संख्या प्राप्त करना चाहते हैं, वे निर्धारित शुल्क का भुगतान करके क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

संशोधन के मसौदे में आगामी श्रृंखलाओं के लिए पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के लिए शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव है। नए नियमों के तहत वर्तमान श्रृंखला और आगामी तीन श्रृंखलाओं में पसंदीदा संख्या प्राप्त करने का शुल्क दोगुना हो जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार, पांचवीं से आठवीं श्रृंखला के नंबर चाहने वाले वाहन मालिकों को 1.2 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। नौवीं और दसवीं श्रृंखला के नंबरों के लिए शुल्क बढ़कर 2 लाख रुपये और ग्यारहवीं और बारहवीं श्रृंखला के नंबरों के लिए 4 लाख रुपये हो जाएगा।

सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई श्रेणी में 13वीं और 14वींं आगामी श्रृंखला के पंजीकरण नंबरों पर 8 लाख रुपये का प्रीमियम शुल्क लगेगा, जिससे वे प्रस्तावित ढांचे के तहत सबसे महंगी श्रेणी बन जाएंगे।

सरकार ने आरटीओ के माध्यम से आवंटित फैंसी पंजीकरण नंबरों के लिए मौजूदा फ्लैट-रेट प्रणाली को वाहन की लागत से जुड़ी मूल्य-आधारित शुल्क संरचना से बदलने का भी प्रस्ताव दिया है।

दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए, शुल्क 50,000 रुपये तक की कीमत वाले वाहनों के लिए 2,000 रुपये से लेकर 30 लाख रुपए से अधिक मूल्य वाले वाहनों के लिए 1 लाख रुपए तक होगा।

संशोधित संरचना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक मूल्य वाले वाहनों के मालिकों को पसंदीदा पंजीकरण नंबरों के लिए आनुपातिक रूप से अधिक शुल्क देना पड़े। आयातित वाहन भी स्लैब-आधारित शुल्क प्रणाली के अंतर्गत आएंगे।

प्रस्तावित शुल्क 4 लाख रुपये तक के आयातित वाहनों के लिए 20,000 रुपये से लेकर 50 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले वाहनों के लिए 1.5 लाख रुपये तक होगा, जबकि वर्तमान शुल्क 1,000 रुपये से 16,000 रुपये के बीच है।

नियमों के मसौदे में यह प्रावधान है कि भविष्य की श्रृंखलाओं और सरकार द्वारा आरक्षित फैंसी नंबरों के आवंटन के लिए राज्य सरकार की मंजूरी अनिवार्य रहेगी। प्रस्तावित परिवर्तनों से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में प्रीमियम पंजीकरण नंबरों की बढ़ती मांग को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

–आईएएनएस

एसएचके/पीएम

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