बिना पानी पीए रहने के कारण ही इसे “निर्जला” एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि अगर आप साल भर की सभी 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते हैं, तो सिर्फ एक निर्जला एकादशी का उपवास ही काफी है। माना जाता है कि इस अकेले व्रत से आपको साल की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल मिल जाता है। आइए जानें कि इस बार निर्जला एकादशी कब है और Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Niyam क्या हैं?
Nirjala Ekadashi 2026: कब है निर्जला एकादशी का व्रत?

Nirjala Ekadashi Vrat mei Kya Kare Kya na Kare: निर्जला एकादशी व्रत नियम

- एकादशी के दिन सूरज निकलने से पहले उठें, घर साफ करें और नहाकर व्रत रखने का संकल्प लें।
- इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
- रात के समय दीपक जलाएं और भगवान को पीले फूल और पीले फल चढ़ाएं।
- शाम को एक बार फिर भगवान विष्णु की पूजा करें।
- अगले दिन सुबह उठकर स्नान करें, भगवान विष्णु की पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
- निर्जला एकादशी पर पानी से भरा कलश दान करना बहुत शुभ होता है, इसलिए ब्राह्मणों को पानी का दान जरूर करें।
ब्राह्मणों को भोजन कराने और विदा करने के बाद खुद भोजन करके व्रत खोलें।
Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Niyam: क्या न करें?

1. गलती से भी पानी न पिएं
निर्जला एकादशी का सबसे जरूरी नियम है कि इस दिन पानी नहीं पीना चाहिए। व्रत रखने वाले इंसान को पूरा दिन और पूरी रात बिना पानी पिए भगवान विष्णु की पूजा करनी होती है। आप मुंह साफ करने के लिए गारगल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि कुल्ले का पानी भी गले से नीचे नहीं उतरना चाहिए। क्योंकि यह व्रत बिना पानी के ही पूरा होता है।
2. अनाज और चावल न खाएं
एकादशी के दिन किसी भी तरह का अनाज खाना मना होता है, और खासकर चावल तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चावल खाने से व्रत का फल कम हो जाता है। इसलिए एकादशी पर चावल खाने से बचें।
3. तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें
4. तुलसी के पत्ते न तोड़ें
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी बहुत जरूरी होती है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना अच्छा नहीं माना जाता। अगर आपको पूजा के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए, तो उन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
5. गुस्सा, झूठ और लड़ाई-झगड़े से बचें
Nirjala Ekadashi Vrat ke Upay: निर्जला एकादशी के अचूक उपाय
1. चौमुखी दीपक

तुलसी जी को माता लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है। एकादशी की रात को तुलसी के पौधे के पास घी का एक चार मुख वाला चौमुखी दीपक जलाएं। उस दीपक में थोड़ा सा कुमकुम और थोड़े से अक्षत डाल दें। इसके बाद तुलसी जी के चारों तरफ 11 बार परिक्रमा लगाएं और अपनी परेशानियां दूर करने की दुआ मांगें। बस इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी की रात को तुलसी के पौधे को छूना नहीं है, सिर्फ दूर से ही प्रणाम करना है। इससे घर के दोष दूर होते हैं और सुख-शांति आती है।
2. सिक्के का उपाय
एकादशी की रात को साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने बैठ जाएं। एक पीले कपड़े में चांदी का या कोई भी साधारण सिक्का और थोड़ी सी हल्दी की गांठ रख लें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा खत्म होने के बाद इस पोटली को रात भर भगवान के पैरों के पास ही रहने दें। अगली सुबह इसे उठाकर अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर छिपाकर रख दें। इससे घर में बरकत आती है।
3. कपूर और लौंग का उपाय

घर से गरीबी और बुरी नजर को दूर करने के लिए एकादशी की रात को मिट्टी या चांदी के बर्तन में थोड़ा सा कपूर और 2 लौंग जलाएं। इसका धुआं पूरे घर में फैलाएं और बाद में इसे अपने घर के मेन गेट के बाहर रख दें। इस उपाय को करने से घर की सारी बुरी शक्तियां खत्म हो जाती हैं, माहौल अच्छा होता है और कमाई के नए रास्ते खुलते हैं।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


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