कोलकाता, 18 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ स्थित बिदेशिनी होटल में आग लगने से नौ लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद प्रतिष्ठित देवी तारा मंदिर के निकट स्थित 15 होटलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस द्वारा होटल के मुख्य मालिक प्रोबिट पॉल को गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया। सोमवार को पुलिस ने मालिक के बेटे और सह-मालिक कल्याण पॉल को भी गिरफ्तार कर लिया था।
आग लगने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या मंदिर के पास तेजी से बन रहे होटलों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि न केवल बिदेशिनी, बल्कि हाल के वर्षों में बने अधिकांश होटलों और लॉजों में आग से सुरक्षा के उचित उपाय नहीं थे।
इसके बाद जिला प्रशासन ने मंदिर के आसपास के क्षेत्र में स्थित कई होटलों और लॉजों में अचानक जांच की।
जांच के निष्कर्षों के आधार पर यह पाया गया कि 15 होटलों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक निकास मार्गों का अभाव था।
एक जिला प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि आग से सुरक्षा सुविधाओं और वैकल्पिक निकास मार्गों को सुनिश्चित करने में विफल रहने वाले होटल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने आगे कहा, “इस पवित्र शहर में प्रतिदिन आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
रामपुरहाट के सब-डिविजनल ऑफिसर राठौड़ अश्विन बाबू सिंह, जिनके अधिकार क्षेत्र में तारापीठ आता है, ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सोमवार को प्रशासन ने इससे पहले आठ अन्य होटलों को बंद करने के नोटिस जारी किए थे।
उन्होंने कहा, “आज हमने 15 अन्य होटल अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। आगामी त्योहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए हम तारापीठ के प्रत्येक होटल के प्रबंधकों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था करने जा रहे हैं।”
–आईएएनएस
एसएचके/वीसी
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