तेलंगाना के डीजीपी ने साइबर सुरक्षा में राज्य के प्रदर्शन को सुधारने का आह्वान किया

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हैदराबाद, 24 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने शुक्रवार को सभी पुलिस इकाइयों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी साइबर सुरक्षा मानकों पर राज्य के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने का प्रयास करने का निर्देश दिया। तेलंगाना वर्तमान में साइबर सुरक्षा मानकों में 15वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तेलंगाना पुलिस को प्रौद्योगिकी में अग्रणी रहना होगा। पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस इकाइयों के अधिकारियों की उपस्थिति…

हैदराबाद, 24 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने शुक्रवार को सभी पुलिस इकाइयों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी साइबर सुरक्षा मानकों पर राज्य के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने का प्रयास करने का निर्देश दिया।

तेलंगाना वर्तमान में साइबर सुरक्षा मानकों में 15वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तेलंगाना पुलिस को प्रौद्योगिकी में अग्रणी रहना होगा।

पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस इकाइयों के अधिकारियों की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साइबर सुरक्षा पहलों, ई-जीरो एफआईआर और अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) के कार्यान्वयन की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान, डीजीपी ने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रगति (सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन) मंच देश भर में प्रमुख परियोजनाओं और शासन संबंधी पहलों की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी करता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने साइबर धोखाधड़ी, विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया कि गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) समय-समय पर राज्यों की साइबर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करता है।

राष्ट्रीय रैंकिंग नौ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) पर आधारित है, और तेलंगाना पुलिस को अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करने के लिए इन सभी मापदंडों पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।

डीजीपी ने कहा कि राज्य में ई-जीरो एफआईआर का कार्यान्वयन अभी तक अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है और उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टी-स्पार्क और तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (टीसीएसबी) के समन्वित प्रयासों की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप महज दो दिनों में लगभग 20 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गईं।

तेलंगाना के वर्तमान राष्ट्रीय प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने बताया कि राज्य वर्तमान में ई-जीरो एफआईआर कार्यान्वयन में 13वें स्थान पर, धन वसूली में 46.6 प्रतिशत की वसूली दर के साथ 18वें स्थान पर, जीआरएम प्रदर्शन में चौथे स्थान पर, सहयोग पोर्टल में 16वें स्थान पर, समन्वय पोर्टल में छठे स्थान पर, सोशल मीडिया से संबंधित प्रदर्शन में 16वें स्थान पर, साइबर सुरक्षा मापदंडों में 15वें स्थान पर और क्षमता निर्माण में आठवें स्थान पर है।

उन्होंने अधिकारियों को जनता में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को मजबूत करने का निर्देश दिया।

–आईएएनएस

एमएस/

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