हैदराबाद, 23 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को कहा कि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर तेलंगाना एक स्पेस टेक हब के तौर पर उभर रहा है।
रेवंत रेड्डी ने ‘नेशनल स्पेस डे’ के मौके पर वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों का अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री ने उन सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य कर्मचारियों को बधाई दी, जिन्होंने अपनी शानदार वैज्ञानिक उपलब्धियों से अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “चंद्रयान-3 की सफलता के साथ, भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में कदम रखकर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक और तकनीकी ताकत दिखाई है। इन कामयाबियों के पीछे बरसों की कड़ी मेहनत, लगन और लगातार रिसर्च है। मैं इस बड़ी उपलब्धि में योगदान देने वाले हर व्यक्ति को दिल से बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा कि युवाओं को इनोवेशन की दिशा में कदम उठाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें बड़े सपने देखने चाहिए। उन्हें तब तक पूरे संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए जब तक वे सपने सच न हो जाएं। विज्ञान हमारी ताकत है, इनोवेशन हमारा भविष्य है और अंतरिक्ष हमारा अगला डेस्टिनेशन होना चाहिए।”
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी वैज्ञानिकों का अभिवादन किया। पवन कल्याण ने कहा, “आसमान में देखे गए सपने से लेकर चंद्रमा पर बनी ऐतिहासिक पहचान तक, भारत की अंतरिक्ष यात्रा विजन, साहस और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की कहानी है। ‘नेशनल स्पेस डे’ पर हम इसरो और हमारे वैज्ञानिकों की असाधारण उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं। ऐतिहासिक चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग और आदित्य-एल1 द्वारा सूर्य की खोज से लेकर शानदार स्पैडेक्स डॉकिंग प्रदर्शनों तक, जो अंतरिक्ष में भारत के भविष्य के लिए नई संभावनाएं खोल रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। सुधार, प्राइवेट सेक्टर की ज्यादा भागीदारी और इन स्पेस जैसे संस्थान स्टार्टअप, इंडस्ट्री, रिसर्चर्स और युवा इनोवेटर्स के लिए एक मजबूत इको सिस्टम बना रहे हैं ताकि वे हमारे राष्ट्रीय अंतरिक्ष लक्ष्यों में योगदान दे सकें। गगनयान के भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान की ओर बढ़ने और हमारे लंबे समय के ‘स्पेस विजन 2047’ के तहत ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ के आकार लेने के साथ, आगे की यात्रा और भी प्रेरणादायक है।
आगे लिखा कि उन सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और युवा सपने देखने वालों को सलाम जो भारत को और ऊंचा, और दूर ले जा रहे हैं। भारत के लिए आसमान कोई सीमा नहीं है। ब्रह्मांड ही क्षितिज है।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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