तमिलनाडु: जून से पूरी तरह से चालू हो जाएगा उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट

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चेन्नई, 15 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (टीएनपीजीसीएल) ने घोषणा की है कि 2×660 मेगावाट की उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की पहली इकाई जून तक चालू हो जाएगी। राज्य की प्रमुख विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में से एक, 13,077 करोड़ रुपये की इस परियोजना ने फरवरी में लगभग 400 मेगावाट प्रारंभिक विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया है। टीएनपीजीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम परीक्षण प्रक्रिया के तहत आने वाले हफ्तों में उत्पादन क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। टीएनपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक एम. गोविंदा राव के अनुसार, कंपनी की योजना जल्द ही पहली इकाई की उत्पादन क्षमता को…

चेन्नई, 15 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (टीएनपीजीसीएल) ने घोषणा की है कि 2×660 मेगावाट की उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की पहली इकाई जून तक चालू हो जाएगी।

राज्य की प्रमुख विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में से एक, 13,077 करोड़ रुपये की इस परियोजना ने फरवरी में लगभग 400 मेगावाट प्रारंभिक विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया है। टीएनपीजीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम परीक्षण प्रक्रिया के तहत आने वाले हफ्तों में उत्पादन क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।

टीएनपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक एम. गोविंदा राव के अनुसार, कंपनी की योजना जल्द ही पहली इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 660 मेगावाट तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि हम अगले सप्ताह से संयंत्र को 660 मेगावाट की पूर्ण क्षमता पर चलाएंगे। वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने से पहले, संयंत्र को बिना किसी रुकावट के लगातार 72 घंटे तक पूर्ण क्षमता पर चलना होगा, जिसे हम जून तक पूरा करने में सफल हो जाएंगे।

उदंगुडी परियोजना से तमिलनाडु की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। विशेष रूप से गर्मियों के महीनों के दौरान जब पूरे राज्य में बिजली की खपत में भारी बढ़ोतरी होती है। गोविंदा राव ने कहा कि इंजीनियरों, तकनीकी टीमों और परियोजना में शामिल सभी कर्मियों के समर्पित प्रयासों के कारण ही गर्मी के मौसम में बिजली की मांग में होने वाली बढ़ोतरी से पहले परियोजना का शुभारंभ संभव हो पाया।

बता दें कि उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। इस परियोजना में आधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसे पारंपरिक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की तुलना में दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस संयंत्र में निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित कोयला जेटी भी है। संयंत्र की दोनों इकाइयां चालू हो जाने के बाद, उदंगुडी परियोजना तमिलनाडु की स्थापित बिजली क्षमता में 1,320 मेगावाट की बढ़ोतरी करेगी, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बढ़ती इंडस्ट्रियल और घरेलू मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

–आईएएनएस

एसडी/एएस

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