पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विजिलेंस जांच ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय में एक अफसर दंपति के चार ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में करीब 80 लाख रुपये नकद, 52.60 लाख रुपये के गहने और 48 महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं, जिनकी कीमत करीब 6.01 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह मामला पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) के पद पर तैनात रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के खिलाफ दर्ज किया गया है। कुमारी स्वीटी दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, दंपति पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 1.07 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है। यह केस 25 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया था।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, दंपति के पटना वाले फ्लैट से 70.53 लाख रुपये नकद बरामद हुए जबकि बेगूसराय वाले घर से 9.44 लाख रुपये जब्त किए गए। कुल मिलाकर 79.98 लाख रुपये कैश मिला है।
छापेमारी के दौरान सोने, चांदी और हीरे के गहने भी मिले हैं। इनकी शुरुआती कीमत करीब 52.60 लाख रुपये आंकी गई है। पटना से मिले गहनों की कीमत 23.89 लाख रुपये और बेगूसराय से मिले गहनों की कीमत 28.70 लाख रुपये है।
इसके अलावा तलाशी में अलग-अलग ब्रांड की 48 कलाई घड़ियां भी मिली हैं, जिनकी कीमत लगभग 6.01 लाख रुपये है। निवेश और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं और दंपति के दो बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।
विजिलेंस ब्यूरो ने अब तक दंपति के नाम पर 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई 7 अचल संपत्तियों की पहचान की है। इनमें दानापुर में दो फ्लैट, फुलवारी शरीफ में कुल 11.7 डिसमिल के तीन प्लॉट और बेगूसराय में कुल 24 डिसमिल के दो प्लॉट शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों के मुताबिक इन सात संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 2.92 करोड़ रुपये है। दानापुर वाले दो फ्लैटों की असली कीमत का आकलन अभी बाकी है, क्योंकि छापेमारी के दौरान वहां लकड़ी और प्लाईवुड का इंटीरियर काम चल रहा था। इसका मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल करेगा।
इस ऑपरेशन के लिए पटना के स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया था। इसके बाद सोमवार को विजिलेंस की चार टीमों ने पटना में दंपति के घर और दफ्तरों और बेगूसराय में उनके घर पर तलाशी ली।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, रवींद्र कुमार दिवाकर ने 2000 में एक शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी शुरू की थी और बाद में प्रशासनिक पद पर नियुक्ति पाई। इसके बाद उन्होंने सारण में जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ), कटिहार और दरभंगा में सीनियर डिप्टी कलेक्टर (एसडीसी), सहरसा में लोक शिकायत निवारण अधिकारी (पीजीआरओ), समस्तीपुर में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) और गया व पटना में एसडीसी के तौर पर काम किया। उन्हें अक्टूबर 2025 में पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) नियुक्त किया गया।
उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी 2013 बैच की सब-रजिस्ट्रार हैं। उन्होंने 2013 से 2017 तक टेघरा, 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर और 2021 से 2024 तक सकरा में काम किया और 2024 में उनकी पोस्टिंग दानापुर में हुई। विजिलेंस जांच ब्यूरो छापेमारी में बरामद संपत्तियों, वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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