महिला आरक्षण संशोधन विधेयक से सुनिश्चित होगी समानता, किसी भी राज्य को नुकसान नहीं : अर्जुन राम मेघवाल

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े अहम विधेयकों पर गुरुवार को चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 देश में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और इससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं पहुंचेगा। सदन को संबोधित करते हुए अर्जुनराम मेघवाल ने महिलाओं के सशक्तीकरण की अहमियत को रेखांकित किया और बीआर अंबेडकर के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं किसी समाज की प्रगति का आकलन इस…

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े अहम विधेयकों पर गुरुवार को चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 देश में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और इससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

सदन को संबोधित करते हुए अर्जुनराम मेघवाल ने महिलाओं के सशक्तीकरण की अहमियत को रेखांकित किया और बीआर अंबेडकर के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं किसी समाज की प्रगति का आकलन इस बात से करता हूं कि वहां महिलाओं ने कितनी तरक्की की है।” उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ विधायी संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देना जरूरी है।

मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों का भी जिक्र किया और बताया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात लंबे समय से कही जा रही थी। उन्होंने कहा, “अब्दुल कलाम ने भी कहा था कि 33 फीसदी सीटों का आवंटन तय है, बस समय की बात है और अब वह समय आ गया है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।

विधेयक के प्रावधानों की जानकारी देते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदन की कुल क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाकर 815 सीटें कर दी जाएंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह संख्या कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत इन प्रावधानों को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इससे पुरुष सांसदों या किसी भी राज्य की मौजूदा सीटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनकी स्थिति बनी रहेगी।

इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि इन तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा की जाएगी और शुक्रवार को इन पर मतदान कराया जाएगा।

–आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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