रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रदूषण को लेकर सरकार अब और सख्त नज़र आ रही है। राज्य में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सरकार ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में संबंधित उद्योगों को पर्यावरण नियमों का पालन करने के साथ मानकों के आधार पर संचालन के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने उद्योगों को दो टूक चेतावनी दे दी है।
इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि उद्योग प्रदूषण फैलाने के बजाए इसे कम करने पर ध्यान दें। नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो संबंधित उद्योग अब कार्रवाई से भी नहीं बच पाएंगे। उद्योगों को दो टूक चेतावनी के बाद हड़कंप की स्थिति नजर आ रही है। दरअसल, राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में उद्योगों द्वारा पर्यावरण के मानकों को धता बताकर उद्योगों का संचालन किया जा रहा है।
इसकी लगातार शिकायतें भी मिल रही है। राज्य शासन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं उद्योगों के संयुक्त प्रयासों से ही प्रदूषण पर नियंत्रण संभव है। इसके लिए जल्दी ही नए सिरे से अभियान भी शुरू किया जाएगा। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव ने पहले ही इसे लेकर संकेत दिए हैं। जनजागरण अभियान के साथ उद्योगों द्वारा मानकों का पालन करने को लेकर भी लगातार निगरानी की जाएगी।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में राज्य शासन पर्यावरण सम्मति नवीनीकरण को लेकर विभिन्न श्रेणियों को लेकर प्रावधान किए गए हैं। छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य है जहां पर्यावरण सम्मति नवीनीकरण के मामले में सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा दी गई है। राज्य में 5 से 10 और 15 वर्षों तक नवीनीकरण नहीं कराने वाले उद्योगों की सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है। पर्यावरण नियमों का पालन कराने के लिए अब नियमित तौर पर मानिटरिंग के साथ उद्योगों की गतिविधियों पर नजर होगी। प्रमुख सचिव के निर्देशों के तहत नियमों को दरकिनार करने वाले उद्योग अब तकई बख्शे नहीं जाएंगे।


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