Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को पुलिस ने चार सैनिकों की हत्या में शामिल आतंकियों के पांच सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
Highlights
- Jammu & Kashmir के कठुआ में आतंकियों के सहयोगी गिरफ्तार
- Jammu & Kashmir चार सैनिकों की हत्या में शामिल थे
- घने जंगलों वाले इलाकों में सेना और CRPF को तैनात
Jammu & Kashmir में चार सैनिकों की हत्या में शामिल आरोपी गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर(Jammu & Kashmir) के कठुआ जिले में सोमवार को पुलिस ने आतंकियों के पांच सहयोगियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपी कठुआ-बानी-किश्तवाड़ में चार सैनिकों की हत्या और अन्य आतंकी संबंधी गतिविधियों में शामिल थे। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
घने जंगलों वाले इलाकों में सेना और CRPF को तैनात
सेना ने पुंछ, राजौरी, कठुआ, डोडा, रियासी और उधमपुर जिले में 4,000 से अधिक उच्च प्रशिक्षित सैनिकों को तैनात किया है। इनमें पैरा कमांडो और पर्वतीय युद्ध में प्रशिक्षित सैनिक शामिल हैं। ऐसी रिपोर्ट मिली थी कि इन जिलों के पहाड़ों में 40-50 कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी सक्रिय हैं। इन आतंकवादियों की हिट-एंड-रन रणनीति को विफल करने के लिए जम्मू संभाग के पहाड़ों की चोटियों और घने जंगलों वाले इलाकों में सेना और सीआरपीएफ को तैनात किया।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच कई मुठभेड़ें हुई
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच कई मुठभेड़ें हुई हैं। इनमें कई आतंकवादी और उनके कमांडर मारे गए हैं। सुरक्षा बलों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। शुरुआत में पुंछ और राजौरी जिलों तक सीमित आतंकवादी गतिविधियां अब जम्मू के अन्य क्षेत्रों में फैल रही हैं, जो कुछ साल पहले तक ऐसी घटनाओं से अपेक्षाकृत मुक्त थे। उच्च प्रशिक्षित आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला कर रहे हैं और ग्रेनेड और कवच-भेदी गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आतंकवादियों द्वारा अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल से खतरा
सूत्रों का कहना है कि बढ़ते आतंकवाद और आतंकवादियों द्वारा अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल से खतरा बढ़ा है। आतंकियों के लगातार हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर घाटी को जम्मू से अलग करने वाले पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। कश्मीर में जारी आतंकवाद विरोधी अभियानों ने आतंकवादियों को पहाड़ों पर धकेल दिया है। वहां वे छिपते हैं और मौका पाकर सुरक्षा बलों पर हमला कर देते हैं।
आतंकवाद से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता
विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू में बढ़ते आतंकवाद से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है। इसमें खुफिया जानकारी जुटाना और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल शामिल है। लगातार जारी आतंकी हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
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