20 जुलाई, 2026 का दिन भारत के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा; जब भी विरोध-प्रदर्शनों की बात होगी, इस दिन का जिक्र जरूर होगा। इस दिन देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक घोटाले के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ।
CJP की ओर से आयोजित यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन जंतर-मंतर से शुरू होकर संसद की ओर बढ़ा; हालांकि, शुरुआत में प्रोटेस्ट काफी शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हालात हिंसक हो गए और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इस हंगामे के दौरान गुरुग्राम की एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई; रबर की गोली लगने से उसका दाहिना कान फट गया। कान का ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन उसे सुनने में दिक्कत आ रही है।
क्या है पूरा मामला?
लड़की ने खुद बताया है कि,”ऑपरेशन के बाद भी कानों से सुनने में परेशानी हो रही है , बार-बार लड़की को बुखार आ रहा है। लड़की ने आगे बताया कि हादसे वाले दिन हम अपने दो दोस्तों के साथ जंतर मंतर पहुंचे थे। वहां हमने अन्य छात्रों से बातचीत की और फोटो भी ली थी। इसी दौरान अचानक पुलिस और RAF के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया था।
घटना में पीड़ित नूतन आगे बताती है कि उनके दाहिने कान पर किसी वस्तु से जोरदार वार हुआ। वह जमीन पर गिर गई। कान से खून बहने लगा और आसपास मौजूद लोगों ने प्राथमिक मदद की। इसके बाद उन्हें RML अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हो सकता है रबर बुलेट लगी थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी गनशॉट इंजरी का जिक्र किया गया है।
दो घंटे तक चली सर्जरी
वहीं नूतन ने बताया कि डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक सर्जरी की। फिलहाल वह रांची स्थित अपने घर पर आराम कर रही है। लेकिन अब भी सुनने में परेशानी हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि वह स्टूडेंट्स के फ्यूचर और एजुकेशन सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर प्रोटेस्ट में शामिल हुई थी। उन्होंने कहा कि वह अपनी आवाज उठाने गई थी लेकिन बदले में हिंसा का सामना करना पड़ा।
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