रांची, 20 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों की कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। इस फैसले को चुनौती देते हुए अब तक चार हो याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनपर गुरुवार को दूसरी पाली में अपराह्न तीन बजे सुनवाई होगी।
याचिकाएं दायर करने वालों में 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। याचिकाएं अवधेश कुमार, दीपमाला, सोनम कुमारी, सौरभ सिंह समेत अन्य सफल अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल की गई हैं।
अभ्यर्थियों का मुख्य तर्क है कि सरकार ने उनका पक्ष सुने बिना एकतरफा तरीके से परीक्षाओं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द कर दिया। बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं, जो चयन के बाद सरकारी सेवा में योगदान दे चुके हैं। ऐसे में सरकार के फैसले से उनकी नौकरी पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
अभ्यर्थियों ने अपने पक्ष में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी अभ्यर्थी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को बिना जांच और सुनवाई नौकरी से हटाना उचित नहीं है।
उनका दावा है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी, मेरिट में स्थान हासिल किया और उसके बाद नियुक्ति मिली। जेएसएससी-सीजीएल के मामले में कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से यह तर्क भी दिया गया है कि परीक्षा का परिणाम हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के बाद जारी हुआ था। ऐसे में बाद में पूरी परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले की वैधानिकता पर भी सवाल उठाया गया है।
दरअसल, झारखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बड़े पैमाने पर परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल, सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर, असिस्टेंट इंजीनियर, वन क्षेत्राधिकारी और सहायक वन संरक्षक समेत विभिन्न पदों से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
–आईएएनएस
एसएनसी/एसके
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



