हाल ही में NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में भारत की युवा पीढ़ी ने अहम भूमिका निभाई। इस पीढ़ी को आम तौर पर ‘Gen Z’ कहा जाता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंडी से BJP सांसद कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई स्टोरीज पोस्ट कीं, जिनमें उन्होंने इस नई पीढ़ी की महिलाओं को “गटर-क्लास” और “भ्रष्ट” बताया और यहां तक आरोप लगाया कि उनके कई पुरुषों के साथ यौन संबंध होते हैं, जिन्हें वो आजादी मानती है.” वहीं अब कंगना रनौत के इस बयान पर सपा के सांसद अफजल अंसारी ने पलटवार किया है। मीडिया से बातचीत में सपा सांसद ने कहा कि,’ जाने दीजिये हम उस देवी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहते हैं”.
अफजल अंसारी: उस देवी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहते
वहीं कंगना के बयान पर सपा सांसद अफजल अंसारी ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि,’हम उस देवी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहते हैं. उनका उत्तर देने वाले भी हैं सदस्य देंगे, उनकी उल्टी सीधे बातें. कभी कह देंगी कि 2014 में देश आजाद हुआ, अब लोग उनके बारे में आंकलन कर चुके है कि वह क्या हैं और क्या कहना चाहती हैं। अब जब सदन में आ गईं हैं तो जो कहेंगी तो एक सदन के सदस्य की हैसियत से आमजनमानस में उसका एक प्रभाव पड़ता है, लोग उनके बारे में क्या राय काम करते हैं हम लोग शर्मिंदा होते हैं।
कंगना के किस बयान पर मचा बवाल?
बता दें कि बीजेपी सांसद ने अपने इंस्टा स्टोरी में लिखा,””ज़्यादातर युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार, जो स्वतंत्र करियर बनाने वाली महिलाओं की ज़िंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आज़ादी को कमाए बिना, चिंताजनक है। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे अपने फैसले खुद लेती हैं, साहसिक विचार रखती हैं, परंपराओं से अलग करियर चुनती हैं और अपने हर काम की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं। उन्हें इसकी कीमत भी खुद ही चुकानी पड़ती है। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं।
लेकिन आज तथाकथित ‘पश्चिमी सोच’ वाली भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और इतनी भ्रष्ट हैं कि अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे अपनी तथाकथित आज़ादी का दिखावा करती हैं—नशा, शराब या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध (Body Count) को स्वतंत्रता बताती हैं। वे बिना किसी शर्म के अपने माता-पिता की कमाई पर जीती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बात करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर नहीं होतीं। एक विनम्र याद दिलाना—स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। यदि आप जिम्मेदारी लिए बिना स्वतंत्र बनने की कोशिश करते हैं, तो आप केवल एक विकृत व्यक्तित्व हैं, ‘गटर छाप’।”
छी… आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है: बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद ने आगे कहा, “मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी भी इतनी बदसूरती एक ही जगह पर नहीं देखी। GenZ के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर उल्टी आने जैसा महसूस होता है। जिस तरह ये लोग बोलते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में इतना भद्दापन और असभ्यता एक साथ नहीं देखी। छी… आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है? भारत विविधता और खूबसूरती से भरे लोगों का देश है। यहां के लोग शालीनता और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। लेकिन आप खुद को ‘कॉकरोच’ कहते हैं और वैसा ही व्यवहार भी करते हैं। इसमें कोई विरोधाभास नहीं है। आप सिर्फ अपनी गंदगी, कचरा और बदसूरती पूरी दुनिया के सामने परोस रहे हैं। इन रीलों को देखकर मैं मानसिक रूप से विचलित हो गई हूं। मुझे कुछ समय के लिए मानसिक सुकून और डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।”


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