‘भारत के कानून मानने होंगे…’, कर्नाटक हाई कोर्ट ने X को दिया तगड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला

Summary :

Karnataka High Court: कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बड़ा झटका देते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया है। एक्स ने भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कंटेंट हटाने (टेकडाउन) के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। लेकिन कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। Karnataka High Court: भारत में काम करना है तो भारत के नियम मानने होंगे जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी विदेशी कंपनी जो भारत में सेवाएं दे…

Karnataka High Court: कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बड़ा झटका देते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया है। एक्स ने भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कंटेंट हटाने (टेकडाउन) के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। लेकिन कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।

Karnataka High Court: भारत में काम करना है तो भारत के नियम मानने होंगे

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी विदेशी कंपनी जो भारत में सेवाएं दे रही है, उसे भारत के कानूनों और नियमों का पालन करना ही होगा। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में बिना निगरानी और नियमों के पालन के काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

Karnataka High Court
Karnataka High Court

X News: ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन’

एक्स कंपनी का कहना था कि भारत सरकार के टेकडाउन आदेश उसके प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करते हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वह अपने वैश्विक नियमों और अमेरिकी कानूनों के तहत काम करती है, इसलिए उसे भारत में अलग नियम मानने की जरूरत नहीं है।

Karnataka High Court
Karnataka High Court

Karnataka High Court News: कोर्ट ने कहा दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे

कोर्ट ने एक्स के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जब यह कंपनी अमेरिका में वहां के कानूनों का पालन करती है, तो भारत में ऐसा करने से क्यों बच रही है? अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और उसके कानूनों का सम्मान करना जरूरी होता है। अगर कोई कंपनी भारत में अपना कारोबार कर रही है, तो उसे यहां के कानूनों का पूरी तरह से पालन करना होगा।

Karnataka High Court
Karnataka High Court

टेकडाउन आदेशों को मानना अनिवार्य

भारत सरकार समय-समय पर ऐसे आदेश देती है जिनमें कुछ ऑनलाइन कंटेंट को हटाने की जरूरत होती है। ये आदेश देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जारी किए जाते हैं। कोर्ट ने कहा कि इन आदेशों को नजरअंदाज करना देश की संप्रभुता के खिलाफ है।

यह भी पढ़ें: ‘शारीरिक संबंध, अश्लील मैसेज न जाने और क्या-क्या…’, इस नामी बाबा पर छात्राओं ने लगाए कई गंभीर आरोप, मचा हड़कंप

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।