कत्यूरी काल में बना कपिलेश्वर मंदिर, दूर-दूर से दर्शन करने के लिए आते हैं भक्त

Summary :

अल्मोड़ा, 13 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड में अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा के पास शकुनी और फड़का नदियों के संगम पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और शिव भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि इस मंदिर में महर्षि कपिल ने तपस्या की थी। मंदिर दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर की भव्यता को लेकर प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर…

अल्मोड़ा, 13 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड में अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा के पास शकुनी और फड़का नदियों के संगम पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और शिव भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।

मान्यता है कि इस मंदिर में महर्षि कपिल ने तपस्या की थी। मंदिर दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर की भव्यता को लेकर प्रतिक्रिया दी।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास कपिलेश्वर शिव मंदिर उत्तराखंड के पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है। कत्यूरी काल में बना यह मंदिर अपनी खास आर्किटेक्चरल स्टाइल और आध्यात्मिक माहौल के लिए खास पहचान रखता है। सावन के पवित्र महीने में यहां खास पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, जिससे मंदिर का माहौल और भी भक्तिमय हो जाता है। अल्मोड़ा जिले में आने पर शिव के इस धाम के दर्शन जरूर करें।”

ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु के अवतार महर्षि कपिल मुनि ने कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए थे। मंदिर का निर्माण लगभग 9वीं शताब्दी में कत्यूरी वंश के शासनकाल के दौरान हुआ माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में प्राकृतिक रूप से प्रकट स्वयंभू शिवलिंग स्थित है।

मंदिर का ढांचा थोड़ा एक तरफ झुका हुआ है, जिसके पीछे भूवैज्ञानिक और स्थानीय नागों के युद्ध से जुड़ी दिलचस्प लोक कथाएं जुड़ी हुई हैं।

पिथौरागढ़ का कपिलेश्वर मंदिर गुफा के भीतर स्थित है और वहां से हिमालय की सुंदर चोटियों के दर्शन होते हैं। वहीं अल्मोड़ा का मंदिर शकुनी और फड़का नदी के संगम के पास शांत वातावरण में बसा है। सावन मास और महाशिवरात्रि पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

–आईएएनएस

एनएस/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.