लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी मंदिर या राज्य का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक और मामले में पुलिस जांच के बीच आईएएनएस से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं चढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा, “यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। दुनिया के कई देशों से भी श्रद्धालु यहां आते हैं और प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर अगर चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है।”
सपा सांसद ने दावा किया कि इस मामले को सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले में केवल लीपापोती करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं, बल्कि मंदिर निर्माण के समय से मिले चंदे से जुड़ा गंभीर मामला है। उस समय लोगों ने सोना, चांदी, जमीन, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं श्रद्धा से अर्पित की थीं। ऐसे में इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।”
अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह मामला किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश से जुड़ा है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की निगरानी में जांच कराए। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट से जुड़े संबंधित लोगों को निलंबित किया जाना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से हो सके।”
सपा सांसद ने दावा किया कि आज पूरे देश में इस मामले की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच सोना, नगदी, जमीन और अन्य चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं और इनका जवाब मिलना चाहिए।
उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा, “जब-जब धर्म की हानि होती है, तब न्याय का मार्ग अपनाना आवश्यक हो जाता है। यह किसी व्यक्ति के घर की चोरी नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के दरबार और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए इसकी विशेष और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।”
–आईएएनएस
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