मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मुंबई के कुर्ला क्रेन हादसे, झारखंड में जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर विवाद, ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी सियासी घमासान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक, राहुल गांधी की प्रस्तावित पंजाब बस यात्रा और तमिलनाडु में परिसीमन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। दलवई ने कई मुद्दों पर केंद्र की भाजपा सरकार और भाजपा की राजनीति पर तीखा हमला बोला।
कुर्ला में हुए क्रेन हादसे को लेकर हुसैन दलवई ने इसे गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस क्रेन के कारण हादसा हुआ, वह किसकी थी, उसका कॉन्ट्रैक्ट किसे दिया गया था और मौके पर काम करने की अनुमति किसने दी थी। इस पूरे मामले की जांच इस बात को ध्यान में रखकर होनी चाहिए कि आखिर वहां क्रेन का संचालन किसकी अनुमति से किया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से इसके लिए अनुमति दी गई थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हादसे में बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए हैं। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि लापरवाही आखिर किस स्तर पर हुई। उन्होंने हादसे में घायल लोगों और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ अन्य आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की मांग की।
झारखंड में 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर भी दलवई ने प्रतिक्रिया दी। राज्य सरकार पहले ही छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी में थी। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन छात्रों की ओर से आंदोलन जारी रखा गया। इस मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उससे स्थिति स्पष्ट होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी भी इस मुद्दे पर समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और उचित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना जरूरी है।
‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस पर लगाए गए तुष्टिकरण के आरोप पर दलवई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद हिंदू समाज को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए इस तरह के मुद्दों को राजनीतिक रूप से उठाती है। सरकार को रोजगार, शिक्षा, स्कूल और लोगों के काम-धंधे जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। इन मुद्दों पर काम करने के बजाय चुनाव के समय हिंदू-मुस्लिम जैसे विषयों को उछाला जाता है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का कांग्रेस से संबंध जोड़कर कांग्रेस को देशविरोधी कहना गलत है। दलवई ने दावा किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ के नारे के साथ सत्याग्रह और आंदोलनों में कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे और जेल गए। उन्होंने भाजपा और आएसएस की विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए कई ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों को सामने लाती है।
‘वंदे मातरम’ के दो अंतरों को लेकर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की कथित सहमति पर भी दलवई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले दो अंतरों में देश की प्राकृतिक सुंदरता और मातृभूमि का वर्णन किया गया है। ‘वंदे मातरम’ के बाकी हिस्सों को लेकर भाषा और अर्थ समझने से जुड़े सवाल हो सकते हैं। उन्होंने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिना देखे ‘वंदे मातरम’ के अंतरे पढ़कर दिखाने चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं था, बल्कि आंदोलनकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण नारा और प्रेरणा का स्रोत था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के सचिवों के साथ बैठक और छात्रों से संवाद की चर्चाओं पर दलवई ने कहा कि सरकार अब दबाव महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के मुद्दे लगातार सामने आने के कारण सरकार को इन पर ध्यान देना पड़ रहा है। युवाओं और छात्रों के आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर कई मामलों में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और नीट-यूजी से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार नए विवाद सामने आने के कारण सरकार का ध्यान वास्तविक सवालों से हटाने की कोशिश की जा रही है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति के परिसीमन के मुद्दे पर रुख में कथित बदलाव और अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर दलवई ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि विजय परिसीमन के मुद्दे पर अपने रुख से पीछे हटेंगे। किसी मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह परिसीमन के मुद्दे पर अपना रुख बदल चुके हैं।
दलवई ने परिसीमन को लेकर भाजपा और आरएसएस पर दक्षिण भारत के हितों को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों में इस मुद्दे को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और इसे राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने के लिए राहुल गांधी की प्रस्तावित बस यात्रा पर भाजपा की बयानबाजी को लेकर भी दलवई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठाते रहे हैं। युवाओं के साथ राहुल गांधी का सीधा संवाद और जुड़ाव लगातार मजबूत हुआ है और इसे कोई आसानी से खत्म नहीं कर सकता। राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता देखने को मिलती है।
पंजाब की यात्रा और पुणे में प्रस्तावित यात्रा की सफलता को लेकर पूछे गए सवाल पर दलवई ने कहा कि दोनों यात्राएं सफल रहेंगी। उन्होंने विशेष रूप से पुणे की यात्रा के सफल होने का दावा करते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, वहां लोगों की ओर से उन्हें समर्थन और पसंद मिलती है।
–आईएएनएस
पीएसके
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



