LS Speaker on No Confidence Motion : माइक बंद करने के आरोप पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बयान सामने आया है. लोकसभा अध्यक्ष के पास माइक बंद करने का बटन नहीं है. चेयर के पास माइक का बटन नहीं है. नियम से परे किसी को बोलने का अधिकार नहीं है. अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मेरा प्रयास होता है कि सदन की गरिमा मर्यादा और प्रतिष्ठा में उत्तरोत्तर वृद्धि हो.
लोकतान्त्रिक व्यवस्था में अटूट विश्वास
मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को प्रतिपक्ष के कुछ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया. हमारे संविधान द्वारा स्थापित संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था में मेरा हमेशा अटूट विश्वास रहा है. कुछ सदस्यों ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता को बोलने से रोका जाता है. ओम बिरला ने कहा कि उन्हें बोलने का प्रयास अवसर नहीं दिया जाता है.
ओम बिरला ने कहा कि स्पष्ट करना चाहता हूं चाहे सदन में नेता हो या चाहे प्रतिपक्ष के नेता हो या कोई मंत्रीगण सभी सदस्यों को सदन के अंदर नियमों के तहत प्रक्रिया के प्रति बोलने का अधिकार निहित.
‘सदन नियमों से चलता है’
उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं सदन की नियमों से चलता है. सदन के कार्य संचालन नियम सदन द्वारा बनाए गए है. सदन में सभी सदस्यों के लिए नियम समान रूप से लागू है.सदन में जब भी किसी विषय को चाहे प्रधानमंत्री हो या मंत्रीगण हो.उनको भी नियम 372 के तहत अध्यक्ष से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होती है. नोटिस के बाद ही वह अपने वक्तव्य दे सकते हैं.
‘मैंने प्रयास किया’
अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़े हर व्यक्ति की आवाज बने ऐसा मैंने प्रयास किया. मैंने प्रयास किया कि उन सदस्यों को कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करूं, जो या तो संकोच करते हैं या नहीं बोलते हैं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन में बोलने से लोकतंत्र का संकल्प मजबूत होता है. मुझे इस पावन सदन ने दूसरी बार अध्यक्ष पद का दायित्व और अवसर दिया है. उन्होंने कहा कि मैंने प्रयास किया कि सदन निष्ठा, अनुशासन, संतुलन और नियमों के साथ संचालित हो. सदन में व्यवस्था एवं कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए मेरे दायित्व को निभाया.
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